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हनुमान जन्मोत्सव: बैरोजगारों को मिलेगी नौकरी, ये है पूजन का शुभ समय व विधि

हनुमान जन्मोत्सव: बैरोजगारों को मिलेगी नौकरी, ये है पूजन का शुभ समय व विधि

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रतलाम। इस माह 31 मार्च को मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के प्रिय व महादेव के रुद्र अवतार भगवान हनुमान का जन्मोत्सव उत्साह के साथ मनाया जाएगा। इस बार आकाश गंगा में बन रहे विशेष योग की वजह से बैरोजगारों को किए गए उपाय से न सिर्फ नौकरी मिलने में सहायता मिलेगी, बल्कि अगर आपके उपर कर्ज है जो पूरा नहीं हो रहा है तो वह भी उतर जाएगा। इसके लिए महावीर जयंति के दिन भक्तों को नक्षत्रलोक में रतलाम राज परिवार के ज्योतिषी अभिषेक जोशी ने विशेष उपाय बताए। ज्योतिषी जोशी ने बताया कि हनुमान जन्मोत्सव के दिन सही शुभ समय में विशेष विधि से किया गया पूजन हर बाधा को काटता हैं।

ज्योतिषी जोशी ने भक्तों को बताया कि हनुमान कवच से बेहतर कोई उपाय इस दिन नहीं किया जा सकता है। ये संस्कृत भाषा में होने से अगर सभी के लिए पढऩे में संभव न हो तो अन्य विकल्प भी ज्योतिष में दिए गए हैं। एेसे में सुंदरकांड, हनुमान चालिसा आदि हैं। हनुमान कवच के बारे में ये सवाल काफी होता है कि इसकी रचना किस ने की। भगवान श्रीराम ने रावण से युद्ध के समय स्वयं इसका पाठ किया था।

ये होते हैं हनुमान कवच के लाभ

ज्योतिषी जोशी ने बताया कि इस कवच से भूत, प्रेत, चांडाल, राक्षस और अन्य बुरी आत्माओं से बचाव किया जा सकता है। यह कवच आपको टोनो टोटको से बचाता है और आपकी रक्षा करता है। काला जादू इस पर पूरी तरह पराजित हो जाता है। इस कवच का पूर्ण लाभ से जीवन के सभी शोक मिट जाते है। इसके अलावा बड़ा कर्ज हो, डरावने सपने आते हो, तो भी ये कवच रक्षा करने का काम करता है।

इस मूल मंत्र से होता है बड़ा लाभ

इस कवच का मूल मंत्र है- श्री हनुमंते नम

ज्योतिषी जोशी ने बताया कि इस मंत्र का उच्चारण 108 बार रुद्राक्ष की माला के साथ सच्चे मन से करे और यह उपासना संपन्न होने के बाद अपने शोक निवारण के लिए हनुमानजी से विनती करे। इसके बाद हनुमानजी को चमेली का तेल और सिंदूर चढ़ावे। साथ में यदि हनुमानजी को चोला और जनेऊ पहना सके तो और भी उत्तम है।

इन मंत्र से होता है हर काम

भय नाश करने के लिए हनुमान मंत्र-हं हनुमंते नम:

प्रेत भूत बाधा दूर करने के लिए मंत्र- हनुमन्नजनी सुनो वायुपुत्र महाबल अकस्मादागतोत्पांत नाशयाशु नमोस्तुते।।

द्वादशाक्षर हनुमान मंत्र- ऊँ हं हनुमते रुद्रात्मकाय फट्।।

मनोकामना पूर्ण करवाने के लिए - ऊँ महाबलाय वीराय चिरंजिवीन उद्दते।हारिणे वज्र देहाय चोलंग्घितमहाव्यये।।

शत्रुओं और रोगों पर विजय पाने के लिए - ऊँ नमो हनुमते रूद्रावताराय सर्वशत्रुसंहारणाय सर्वरोग हराय सर्ववशीकरणाय रामदूताय स्वाहा:।।

संकट दूर करने का मंत्र- ऊँ नमो हनुमते रूद्रावताराय सर्वशत्रुसंहारणाय सर्वरोग हराय सर्ववशीकरणाय रामदूताय स्वाहा:।।

कर्ज मुक्ति के मंत्र- ऊँ नमो हनुमते आवेशाय आवेशाय स्वाहा:।।

ये है पूजन का सही समय व विधि

हनुमान जयंती 30 मार्च को सायंकाल 7.35 बजे से 31 मार्च को शाम 6.06 बजे तक रहेगी।

उदय तिथि 31 को होने के कारण पूर्णिमा 31 को ही मनाई जाएगी और उसी दिन पूरी रात्रि और पूरा दिन श्री हनुमान जयंती मनाई जाती है।

31मार्च की रात्रि को पूजा का विशेष फल है क्योंकि चैत्र पूर्णिमा की रात्रि में ही हनुमान जयंती मनाने का प्रावधान है।

ज्योतिषी जोशी ने बताया कि पूजन विधि पूर्व या उत्तर की ओर मुंह करके लाल आसन पर बैठें। लाल धोती और ऊपर वस्त्र चादर, दुपट्टा आदि डाल लें अपने सामने छोटी चौकी पर लाल वस्त्र बिछाकर तांबे की प्लेट पर लाल पुष्पों का आसन देकर बजरंग बली की मूर्ति स्थापित करें।

हनुमान को प्रसन्न है ये भोग

हनुमान जन्मोत्सव पर आप उपवास रखकर पूजा करके हनुमान जी की कृपा पा सकते हैं। इस दिन आप हनुमान चालीसा मंत्र का भी जाप करे, इसके अलावा भगवान को उनके पसंदीदा पकवान का भोग या नैवेद्य लगाएं।

हनुमान जयंती पर सबसे पहले स्वच्छ पानी से नहाये फिर नारंगी कपडे पहनकर हनुमान जी को सिंदूर लगाए जबकि घी का दीपक जलाकर पूजा करे।

आप हनुमान जी को देशी घी का चूरमा, माल पुए, बेसन के लड्डु बूंदी के लड्डु का भोग या नैवेद्य लगाएं। जिससे भगवान हनुमान आप की भक्ति से खुश होकर आपका कल्याण करेंगे।

इस उपाय से चलता है व्यापार


हनुमान जयंती के अतिरिक्त प्रतिदिन हनुमान चालीसा का 108 बार पाठ करें। इसके साथ पांच शनिवार को हनुमानजी को चमेली के तेल का चोला चढ़ाएं। यदि यह संभव नहीं हो तो 5 बार कभी भी किसी भी शनिवार को चोला चढ़ाएं। आप अपने संस्थान में एक लाल कपड़े में नारियल को नाड़े से बांधकर एक ओर लटका दें। इस उपाय से आपका व्यापार चल निकलेगा।

रखें इन बातों का विशेष ध्यान

ज्योतिषी जोशी ने बताया कि हनुमान जी की पूजा करते समय काले कपड़े ना पहने और न ही सफेद कपडे पहने। पूजा में लाल और पीले रंग के कपड़ो का प्रयोग करना शुभ माना जाता है।

हनुमान जी के पूजा करते समय शुद्धता का विशेष ध्यान रखें। पूजा के दौरान भूलकर भी मांस और मदिरा का सेवन ना करें। सात्विक भोजन ग्रहण करें।
हनुमान जी की पूजा में चरणामृत का प्रयोग नहीं करना चाहिए, और ना ही खंडित और टूटी हुई मूर्ति की पूजा करना चाहिए।

इस उपास से मिलेगी बैरोजगारों को नौकरी

वे युवा या युवतियां जो लंबे समय से नौकरी की तलाश में हैं व तमाम टोटके या उपाय करने से लाभ नहीं हो रहा है, उनको हनुमान जन्मोत्सव के दिन विशेष उपाय करना चाहिए। ज्योतिषी जोशी ने भक्तों को बताया कि तुलसीदास जी द्वारा रचित रामचरित मानस में सुंदरकांड के बारे में विशेष रुप से बताया गया हैं। हनुमान जन्मोत्सव के दिन सुंदरकांड का पाठ करने से बड़ी से बड़ी बाधा समाप्त होती हैं। इसके अलावा जब नौकरी में इंटरव्यू देने जाए तो सिंदुर का तिलक लगाएं व लाल कपड़ा या रूमाल जेब में रखें। संभव हो तो लाल रंग का शर्ट पहनें।