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हरियाली तीज आज, उत्साह से मन रहा पर्व, यहां पढे़ं पूजन का शुभ मुहूर्त

ये त्यौहार रतलाम सहित उत्तर भारत में विवाहित महिलाएं उत्साह के साथ मनाती है। इसमे भगवान शिव व मां पार्वती की पूजा करके अपने सौभाग्य को अखंड रखने की कामना की जाती है।

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 हरियाली तीज

Hariyali Teej today, celebrating the festival with excitement

रतलाम। श्रावण माह के शुक्ल पक्ष की तीज को श्रावणी तीज के साथ-साथ हरियाली तीज भी कहा जाता है। ये त्यौहार रतलाम सहित उत्तर भारत में विवाहित महिलाएं उत्साह के साथ मनाती है। इसमे भगवान शिव व मां पार्वती की पूजा करके अपने सौभाग्य को अखंड रखने की कामना की जाती है। रतलाम के वरिष्ठ पंडित संजय दुबे के अनुसार सुबह से पर्व को लेकर उत्साह है। घर-घर में शिव व शक्ति की आराधना हो रही है। इसके शुभ पूजन के बारे में भी पंडित दुबे ने बताया है।

पंडित दुबे के अनुसार इस व्रत को करवाचौथ के व्रत से भी ज्यादा कठिन माना जाता है क्योंकि इस व्रत को रखने वाली ज्यादातर महिलाएं पूरे दिन बिना पानी की एक बूंद पिए ही रहती हैं। माना जाता है कि इस व्रत को निर्जला ही रखते हैं इस दिन कुछ खाया पिया नहीं जाता।

हरियाली तीज की तिथि और शुभ मुहूर्त
हरियाली तीज की तिथि: 3 अगस्‍त 2019
हरियाली तीज की तिथि आरंभ- 3 अगस्‍त 2019 की सुबह 7 बजकर 6 मिनट से
हरियाली तीज की तिथि समाप्‍त- 4 अगस्‍त 2019 की सुबह 3 बजकर 36 मिनट तक

व्रत से जुड़ी 10 खास बातें
1- हरियाली तीज व्रत करने के पीछे कथा है कि मां पार्वती ने भगवान शिव से विवाह करने के लिए बहुत ही कठिन तपस्या की थी। इस तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने आज ही के दिन यानी श्रावण मास शुक्ल पक्ष की तीज को मां पार्वती के सामने प्रकट हुए और उनसे शादी करने का वरदान दिया था।

2- मान्यता है कि हरियाली तीज के दिन महिलाएं पुत्र प्राप्ति की इच्छा के लिए व्रत करती हैं जबकि कन्या मनवांछित वर प्राप्त करने के लिए यह व्रत करती हैं।

3- इस दिन महिलाएं मिट्टी या बालू से मां पार्वती और शिवलिंग बनाकर उनकी पूजा करती हैं।

4- पूजा के बाद मिट्टियों की इन मूर्तियों को नदी या किसी पवित्र जलाशय में प्रवाहित करने की मान्यता है।

5- व्रत करने वाले भक्त सुबह स्नान कर और मां-पार्वती की विधिवत पूजा कर इस व्रत को शुरू करते हैं।

पूजा सामग्री

6- मान्यता के इस व्रत के दौरान पूरे दिन मां पार्वती और भगवान शिव का ही ध्यान करना चाहिए।

7- कुछ स्‍थानों पर मां पार्वती और शिवलिंग की पूजा के वक्त मां पार्वती को शंकर जी वर के रूप में कैसे प्राप्त हुए इसकी कथा भी सुनाई जाती है। इस कथा को हरियाली तीज कथा के नाम से भी जानते हैं।

8- व्रत खोलने से पहले भगवान को खीर पूरी या हलुआ और मालपुए से भोग लगाना चाहिए।

9- विवाहित महिलाएं इस दिन जब पूजा के लिए तैयार होती हैं तो सोलह श्रृंगार करती हैं।

10- हरियाली तीज की पूजा सामग्री के रूप में गीली मिट्टी, पीले रंग का नया कपड़ा, बेल पत्र, कलावा, धूप-अगरबत्ती, कपूर, घी का दीपक, फूल-फल, नारियल और पंचामृत आदि इस्तेमाल कर सकते हैं।