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यहां आधे घंटे में निपटा दी दिनभर की प्रायोगिक परीक्षा, विरोध, हंगामा

अभाविप ने एक घंटे तक मुख्य द्वार पर लगाया ताला, तहसीलदार के आने पर खोला गेट

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यहां आधे घंटे में निपटा दी दिनभर की प्रायोगिक परीक्षा, विरोध, हंगामा

रतलाम. औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) में पढऩे वाले विद्यार्थियों की प्रायोगिक परीक्षा महज कुछ घंटे में नहीं होती है। इसके लिए पूरा दिन लगता है और बाहरी मूल्यांकनकर्ता (एक्सटरनल) को भी पूरे समय प्रायोगिक परीक्षा में मौजूद रहना होता है किंतु यहां अलकापुरी के शासकीय आईटीआई में बुधवार को निजी आईटीआई के विद्यार्थियों की प्रायोगिक परीक्षा मात्र दो घंटे में ही खत्म करके एक्सटरनल और प्राचार्य यूपी अहिरवार चाय नाश्ते में मशगुल हो गए।
इसकी जानकारी अभाविप के छात्र नेताओं को मिली तो वे आईटीआई पहुंचे और गेट पर ताला लगाकर धरने पर बैठ गए। करीब डेढ़ घंटे तक ताला लगाकर छात्रनेता बाहर नारेबाजी करते रहे और अंदर आईटीआई प्राचार्य व स्टॉफ कैद रहा। बाद में तहसीलदार रश्मि श्रीवास्तव मौके पर पहुंची तब जाकर ताला खोला और विद्यार्थियों ने अपनी बात रखी। इस बारे में प्राचार्य अहिरवार से जानकारी लेने पर उन्होंने कहा कि हां मैंने सेटिंग की है। आप लोग मेरी जांच करवा लो।


साढ़े पांच बजे आए एक्सटरनल : प्रायोगिक परीक्षा लेने के लिए बाह्य मूल्यांकनकर्ता साढ़े पांच बजे आईटीआई पहुंचे। जाते ही चाय पी और शहर के दो निजी आईटीआई के इलेक्ट्रीशियन ट्रेड के चतुर्थ सेमेस्टर के ५६ विद्यार्थियों की प्रायोगिक परीक्षा लेकर छह बजे प्राचार्य के कक्ष में आ गए। यह सब अभाविप के छात्र नेता देखते रहे और प्रायोगिक परीक्षा खत्म होने के बाद उन्होंने प्राचार्य अहिरवार से इस बारे में बात की तो प्राचार्य ने उन्हें कह दिया कि हां सेटिंग की गई है तो आप जाओ जहां शिकायत करना है कर दी। इस पर भड़के अभाविप के जिला संयोजक शुभम चौहान, अनुज पोरवाल, कृष्णा डिंडोर, रूपेश बोखा सहित अन्य ने गेट पर ताला लगाकर धरना दे दिया। एसडीएम को दूरभाष पर सूचना दी तब साढ़े सात बजे तहसीलदार रश्मि श्रीवास्तव मौके पर पहुंची।


हमने सेटिंग की तो जांच करवा लो
हमने सेटिंग की है तो जांच करवा लो। जिस परंपरा के अनुसार प्रायोगिक परीक्षा होती आई है उसी तरह करवाई गई है। आधे घंटे में परीक्षा ले ली गई। योग्य व्यक्ति को बाह्य मूल्यांकनकर्ता के रूप में बुलाया गया था। छात्र नेता कुछ भी कह सकते हैं तो हम क्या करें।
यूपी अहिरवार, प्राचार्य आईटीआई