24 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

VIDEO पति, पत्नी और बेटी चल पड़ी उस राह पर, जहां आत्मा का होगा परमात्मा से मिलन

संसार में जिस व्यक्ति ने जन्म लिया, उसका अंतिम लक्ष्य आत्मा का परमात्मा से मिलन कराना ही होता है। मध्यप्रदेश के रतलाम में पति, पत्नी के साथ - साथ उनकी बेटी ने भी संयत मार्ग का चुनाव कर लिया है।

2 min read
Google source verification
Husband, wife and daughter walk on the path where soul will meet God

Husband, wife and daughter walk on the path where soul will meet God

रतलाम. संसार में जिस व्यक्ति ने जन्म लिया, उसका अंतिम लक्ष्य आत्मा का परमात्मा से मिलन कराना ही होता है। मध्यप्रदेश के रतलाम में पति, पत्नी के साथ - साथ उनकी बेटी ने भी संयत मार्ग का चुनाव कर लिया है। 7 मई की सुबह दीक्षा का आयोजन होगा। इसके पूर्व वरघोड़ा निकला, जिसमे सांसारिक वैभव को उड़ाया गया।

घास बाजार निवासी मुमुक्ष रत्न वल्लभाई, पत्नी वर्षा बहन एवं पुत्री केजल कुमारी शुक्रवार को सांसारिक मोह त्यागते हुए वरघोड़ा में शामिल हुए। ऊंटगाड़ी, घोड़ागाड़ी और बैलगाड़ी के बीच बैंडबाजों पर गुरुदेव तेरे चरणों की धूल जो मिल जाए..., जैन धर्म न्याया... जैसे गीतों की धुन गूंजती रही। वरघोड़ा में शामिल दीक्षार्थी सकलेचा दंपती और पुत्री केजल ने सांसारिक वस्तुएं सहित नोट लुटाए।

श्रद्धालुओं ने बहुमान भी किया

आयोजनकर्ता राकेश मन्नालाल सकलेचा परिवार के घास बाजार स्थित निवास से वर्षीदान वरघोड़ा शुक्रवार सुबह 8 बजे प्रारंभ हुआ। इसमें आगे बैंड बाजे चल रहे थे और दीक्षार्थी मुमुक्ष रत्न वल्लभ भाई, पत्नी वर्षा बहन सहित पुत्री केजल कुमारी के आगे-आगे कल्याणरत्नविजय महाराज सहित आदीठाणा चल रहे थे। जैन संतों और बड़ी संख्या में शामिल श्रद्धालुजन के साथ दीक्षार्थी वल्लभ भाई, वर्षा बहन एवं केजल कुमारी ऊंट - बग्घी पर सवार होकर चल रहे थे। ऊंट बग्घी से दीक्षार्थी दंपती और पुत्री अपने हाथों से नोट व सांसारिक वस्तुएं लुटाकर वैराग्य प्रकट कर रहे थे। चल समारोह का अलग-अलग मार्गों पर जैन श्रद्धालुओं ने बहुमान भी किया। वरघोड़ा घास बाजार, माणकचौक, डालूमोदी चौराहा, नाहरपुरा, धानमंडी, तोपखाना होते हुए चांदनीचौक से लक्कड़पीठा मार्ग पहुंच सागौद रोड स्थित जेएमडी पहुंच समाप्त हुआ।

सुबह पिता-पुत्री और मां लेंगी दीक्षा


राकेश मन्नालाल सकलेचा परिवार के मुमुक्ष रत्न 48 वर्षीय वल्लभभाई, पत्नी वर्षा बहन सहित 17 वर्षीय पुत्री केजल कुमारी 7 मई को सांसारिक मोह त्याग दीक्षा ग्रहण करेंगी। आत्मकल्याण भूमि (जेएमडी परिसर, सागोद रोड) पर सकलेचा दंपती के अलावा पुत्री की दीक्षा आत्मा से परमात्मा की ओर मार्ग प्रशस्त करने जा रहा है। आत्म कल्याण उत्सव अंतर्गत 7 मई को सुबह कल्याणरत्नविजय महाराज के सानिध्य में सुबह 6 बजे दीक्षाविधि का शुभारंभ किया जाएगा। दीक्षाविधि पश्चात तीनों दीक्षार्थी मुनिराज कल्याणरत्नविजय महाराज और आदीठाणा के साथ अहमदाबाद के लिए सागोद रोड होते हुए शिवगढ़, रावटी और कुशलगढ़ होते हुए विहार करेंगे।