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employees strike -इन कर्मचारियों की अनिश्चिकालीन हड़ताल: लाखों उपभोक्ता परेशान

रतलाम। कर्मचारियों की हड़ताल के कारण लाखों उपभोक्ता परेशान हो रहे है क्योंकि जो उन्हे हर माह मिलने वाला राशन नहीं मिल पाया है। संयुक्त सहकारी समिति पैक्स कर्मचारी महासंघ के आव्हान पर पिछले 12 दिन से चल रही अनिश्चितकालीन हड़ताल में सोसायटियों के लिपिक, कम्प्यूटर ऑपरेटर, सहायक प्रबंधक, विक्रेता, चौकीदार, लेखापाल कर्मचारी में शामिल हैं। इस हड़ताल में जिले के सैलाना, ताल, बाजना, रतलाम, जावरा, पिपलौदा, आलोट ब्लाक के संस्था कर्मचारी सयुंक्त रूप से एकजुट होकर अपनी वेतनमान मान और समस्त जिला केडर की मांग

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प्रदेश में ग्यारह दिन से थोक उपभोक्ता भंडार की 27 हजार से अधिक दुकानों पर ताला लगा हुआ है। इसकी प्रमुख वजह, इन दुकानदारों की कुछ मांग है, जिस पर सुनवाई राज्य सरकार को करना है। मांग पर मंथन तक शुरू नहीं होने का खामियाजा राज्य के उन प्रदेश के 12660947 कार्डधारी हितग्राही उपभोक्ताओं को उठाना पड़ रहा है जो फ्री राशन के लिए पूरी तरह से इन दुकानों से मिलने वाला अनाज पर आश्रित है।

नहीं हो रही सुनवाई

बैठक में जिलाध्यक्ष कनीराम चौधरी, संगठन मंत्री गणेश पाटीदार, कपिल तिवारी, राजेंद्रसिंह गौड, सरदारसिंह गेहलोत, अनोखीलाल, दरबारसिंह गौड़, शरद पुरोहित, लाल पाटीदार, यशपालसिंह सुमन, रितेश चौधरी आदि कई कर्मटारी समिति कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के आव्हान पर हड़ताल पर डटे हुए है।


मुख्यमंत्री-सांसद विधायक सबको दिया ज्ञापन

विधायक सभागृह में ग्यारह दिन से हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों का कहना है कि शनिवार को झाबुआ में मुख्यमंत्री के अलावा सासंद-विधायक के साथ ही जिला प्रशासन को भी मांग के संबंध में ज्ञापन सौंप चुके हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है इस कारण नाराज है। रतलाम में 521 दुकानों पर 240345 कार्ड धारी 987124 हितग्राही जुड़े हुए है। इनमें से अब तक अगस्त माह का 60 प्रतिशत राशन ही वितरण हो पाया है, बाकि ग्रामीण क्षेत्र में शेष रहे उपभोक्ता परेशान हो रहे हैं। 750 कर्मचारी है।

प्रदेश की स्थिति
27३७७ दुकानें
55 हजार कर्मचारी है।
12660947 कार्डधारी हितग्राही है।
4500 संस्था

ये नहीं हो रहे कार्य

- पीडीएस के माध्यम से घर-घर राशन पहुंचाना।
- किसानों को क्रेडिट कार्ड और खाद बीज वितरण करना।
- किसानों के बीमा पोर्टल पर चढ़ना शेष है।
- समितियों को प्रदेश स्तर पर ऑनलाइन नहीं जोड़ पा रहे हंै।
- गेहूं उपार्जन कार्य, सीएससी सेंटर भी चलाते है।
- बचत बैंक काउंटर भी संचालित किए जाते हैं।
- इसके अलावा केंद्र व राज्य शासन के कई कार्य प्रभावित हो रहे।