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indian railway अब प्रजापिता ब्रह्माकुमारी की शरण में जाएगा, यहां पढे़ं क्या ये पूरा मामला

indian railway अब प्रजापिता ब्रह्माकुमारी की शरण में जाएगा, यहां पढे़ं क्या ये पूरा मामला

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indian railway hindi news

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रतलाम। ट्रेन के केसरिया या भगवारंग करने के बाद अब रेलवे अपने कर्मचारियों को योग करवाने जा रहा है। इसके लिए भारतीय रेलवे प्रजापिता ब्रह्माकुमारी की शरण में जा रहा है। असल में रेलवे बोर्ड ने 2012 व 2013 में दो अलग-अलग आदेश जारी किए थे, इस पर मंडल रेलवे अब अमल करने जा रहा है। इसके लिए माउंट आबू में 31 अगस्त से 4 सितंबर तक के पांच दिन के योग शिविर में जाने के लिए कर्मचारियों से नाम मांगे गए है। इसके लिए कर्मचारियों को 24 अगस्त तक अपना पंजीयन मंडल में कराना होगा।

बता दे कि रेलवे में ट्रेन के डिब्बों को भगवा रंग में रंगने की शुरुआत हो गई है। कुछ ही दिन में मंडल में यात्रियों को भगवा या केसरिया रंग के यात्री डिब्बे नजर आएंगे। इसको रेलवे का भगवाकरण कहा जा रहा है। इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए अब रेलवे ने अपने कर्मचारियों को तनाव मुक्त करने की दिशा में योग का सहारा लेने का निर्णय लिया है। इसके लिए 5-6 वर्ष पूर्व के जारी आदेश का हवाला दिया जा रहा है।

ये था रेलवे बोर्ड का आदेश

रेलवे बोर्ड ने 17 जुलाई 2012 व 20 सितंबर 2013 को आदेश क्रमांक 2012-F-TRG-12-17 जारी किया था। इसमे इस बात का उल्लेख था कि कर्मचारियों की कमी व कार्य के दबाव के चलते कर्मचारी तनाव में आते है। तनाव दूर करने के लिए ये जरूरी है कि कर्मचारी योग का सहारा ले। इसलिए कर्मचारी चाहे तो पांच से नौ दिन तक योग कक्षा में जा सकता है। इसके लिए रेलवे अवकाश देगा व वेतन में से इसकी कटोती नहीं होगी, बल्कि रेलवे अपने कर्मचारी को आने-जाने के लिए रेलवे का पास भी उपलब्ध कराएगा। तत्कालीन समय में मंडल में बोर्ड के इस आदेश पर किसी ने न तो ध्यान दिया नहीं कोई योग के लिए गया। अब मंडल रेलवे ने इसी पूर्व के आदेश को मानते हुए अपने कर्मचारियों को पांच दिन के लिए योग शिविर में भेजने का निर्णय लिया है।

इन्होंने जारी किए आदेश

21 अगस्त को मंडल में मुख्य कार्मिक प्रबंधक पीके गोपीकुमार ने इसके लिए आदेश जारी किए है। जारी आदेश में इस बात का उल्लेख है कि माउंट आबू में योग का पांच दिन का शिविर हो रहा है। जो कर्मचारी जाना चाहता हो वो अपनी जानकारी 24 अगस्त तक कार्मिक विभाग को दे।

ये जरूरी है कर्मचारी के लिए

इसको भगवाकरण आदि देखने के बजाए इस तरह ले कि योग भारतीय संस्कृति का अभिन्य अंग है। योग से कई प्रकार की बीमारी दूर होती है। इसके अलावा तनाव से मुक्ति मिलती है।

- जेके जयंत, जनसंपर्क अधिकारी, रतलाम रेल मंडल