24 दिसंबर 2025,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ट्रेन में एक सीट पर दो दावेदार, फिर जाने क्या हुआ

क्रिस के सर्वर में समस्या तो मंडल की दो ट्रेन में परेशान हुए यात्री

2 min read
Google source verification
indore katra sf train

रतलाम। क्रिस के सर्वर में तकनीकी समस्या आने के बाद मंडल की दो यात्री ट्रेन में 876 नंबर से शुरू होने वाले पीएनआर नंबर के यात्री सोमवार को भारी परेशान हुए। मामले की जानकारी आने के बाद रेलवे नियंत्रण कक्ष से टीटीई को निर्देश जारी किए गए की सीट की उपलब्धता किसी भी स्थिति में कराई जाए व यात्री को समस्या न होने दी जाए। इन सब के बीच चलती ट्रेन में अनेक बार हंगामा व विवाद यात्रियों में हुआ। कहा जा रहा है कि ये परेशानी देशभर में सोमवार को यात्रियों को हुई है।

पहले इंदौर-पुना ट्रेन का मामला

ट्रेन नंबर इंदौर पुना में इंदौर से एस-२ में सीट नंबर १०, ११ व १३ पर गुप्ता परिवार पीएनआर नंबर ८४२२१८१९९८ के आरक्षित टिकट लेकर चढ़ा। ये टिकट करीब दो माह पूर्व इस परिवार ने इंदौर से पुना के लिए कराया था। यात्री जब इंदौर से बैठे तो कोई परेशानी नहीं आई। समस्या तब खड़ी हुई जब ट्रेन उज्जैन रेलवे स्टेशन पर पहुंची। यहां पर पीएनआर नंबर ८७६४६७२१५४ के साथ संजय कुमार अपने परिवार के साथ कल्याण तक की यात्रा के लिए आए। इनका टिकट पर सीट नंबर एस-२ में १०,११ व १३ था। जब कुमार के परिवार के सदस्य १३ नंबर सीट पर पहुंचे तो विवाद शुरू हो गया। क्योकि यहां पर पहले से इंदौर से सवार था। एेसे में दोनों के बीच सीट को लेकर विवाद व हंगामा हुआ। इसके बाद टीटीई को दोनों ने अपने टिकट दिखाए तो पता चला की आरक्षण चार्ट में एक ही सीट पर दोनों को टिकट दिया गया है। उज्जैन के यात्री ने तत्काल में टिकट का आरक्षण कराया था।

मालवा ट्रेन में भी विवाद

इसी प्रकार का मामला इंदौर से कटरा जाने वाली माालवा एक्सपे्रस ट्रेन में भी हुआ। बताया जाता है कि इंदौर रेलवे स्टेशन पर ही दो अलग-अलग पीएनआर नंबर के साथ एक ही सीट पर दो यात्री दावा लेकर पहुंचे। इसके बाद रेलवे नियंत्रण कक्ष मामला पहुंचा। तब वाणिज्य विभाग के अधिकारियों को सूचना दी गई। तब जाकर वरिष्ठ अधिकारियों का हस्तक्षेप हुआ।

यात्री को सीट उपलब्ध कराई है

क्रिस के सर्वर में तकनीकी समस्या की सूचना है। इससे से समस्या आई है। मामला सामने आने के बाद चलती ट्रेन में ही इसका समाधान यात्रियों को अन्य रिक्त सीट देकर समाधान किया गया है।

- जेके जयंत, जनसंपर्क अधिकारी, रतलाम रेल मंडल