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औद्योगिक बिजली की मांग में दस फीसदी की बढ़त रही

उत्पादन ज्यादा होने के साथ ही नए उद्योगों के कारण बिजली की मांग में वृद्धि 200 कनेक्शन ज्यादा हुए पिछले वर्ष की तुलना में

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रतलाम. 2021 खत्म होने को है। यह वर्ष औद्योगिक उत्पादन में पिछले वर्ष के हिसाब से अच्छी स्थिति वाला रहा। नए उद्योग खुले, वहीं पुराने उद्योगों में भी उत्पादन की स्थिति अच्छी रही, इस कारण सालभर बिजली की मांग तुलनात्मक रूप से बढ़ी हुई रही। सालभर के औसत पर नजर डाले तो उच्च दाब यानि औद्योगिकी बिजली की मांग पिछले वर्ष की तुलना में दस फीसदी ज्यादा रही। वर्षभर में 570 करोड़ यूनिट बिजली उच्चदाब, औद्योगिक इकाइयों के लिए दी गई है।

मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी इदौर के प्रबंध निदेशक अमित तोमर ने बताया कि जारी वर्ष में जनवरी से 20 दिसंबर तक औद्योगिक इकाइयों के लिए दैनिक बिजली मांग 1.40 करोड़ यूनिट से लेकर 1.61 करोड़ यूनिट तक रही। वर्षभर में यह मांग 570 करोड़ के करीब रही है। यह पिछले वर्ष की तुलना में दस फीसदी ज्यादा है। जारी वर्ष के पिछले तीन माह में ही 147 करोड़ यूनिट बिजली का वितरण हुआ है। दिसंबर के बीस दिनो में करीब 33 करोड़ यूनिट बिजली इन औद्योगिकी इकाइयों, उच्च दाब कनेक्शन के लिए दी गी है। तोमर ने बताया कि पिछले वर्ष दिसंबर में उच्चदाब कनेक्शन की संख्या 3740 थी, यह संख्या वर्तमान में 3940 हो गई है। इस तरह उच्चदाब, औद्योगिक कनेक्शनों की संख्या में एक वर्ष में 200 की संख्या बढ़ी है। स्पष्ट है कि लगभग 200 नए औद्योगिक इकाइयां प्रारंभ हुई है, या पुरानी इकाइयों की क्षमता में भारी विस्तार देखा गया है।

कई तरह की छूट से फायदा

नई औद्योगिक इकाइयां प्रारंभ करने पर शासन के नियमानुसार छूट दी जा रही है। पुरानी इकाइयों ने क्षमता विस्तार कर बिजली का उपयोग बढाया है, तो बढी हुई बिजली खपत पर एक रूपए यूनिट की छूट दी जा रही है। इसी तरह कैशलेस पैमेंट के बिलों पर एक हजार रूपए की अधिकतम छूट प्रति बिल दी जा रही है। इसी तरह प्राम्प्ट पेमेंट यानि बिजली बिल मिलते ही अंतिम तारीख का इंतजार किए बगैर तुरंत भुगतान पर दशमलव 25 फीसदी छूट दी जा रही है। कंपनी स्तर पर हर माह औद्योगिक इकाइयों को करोड़ों की छूट मिल रही है।

IMAGE CREDIT: patrika