
indian railway restart passengers trains
रतलाम.कोरोना वायरस के चलते लगे लॉकडाउन में यात्री ट्रेन जरूर बंद है, लेकिन मालगाडि़यां पार्सल स्पेशल बनकर लगातार दौड़ रही है। मुश्किल की इस घड़ी में दौड़ रही इन मालगाडियों की वजह से ही हर शहर में जरूरी सामान पहुंचा पा रही है। डॉक्टर अगर अस्पताल में, पुलिस मैदान में है तो पटरी से आपके घर तक सामान पहुंचे इसके लिए मंडल के लोको पायलट व गार्ड इस समय रेलवे की लाइफ लाइन बने हुए है।
इस समय जो जरूरी सामान ट्रेन में आ रहा है उसमें मास्क, सैनिटाईजर, अनाज, फल, दवाओं से लेकर अन्य सामान है। बिजली को बचाने के लिए डीजल इंजन वाली ट्रेन को भी लोको पायलट इस समय दौड़ा रहे है। एक लोको पायलट ने बताया कि उनकी मालगाड़ी करीब 40 से लेकर 72 डिब्बों तक की होती है। इसमें हर वो सामान रहता है जो इस समय देश की जरुरत है। साथ में सहयोगी चालक रहता है। तय स्टेशन तक मालगाड़ी लेकर जाते है व ड्यूटी जहां समाप्त होती है, वहां पर अन्य चालक को ट्रेन को सौंप दे देते है। बड़ी बात यह है कि इस समय यात्री ट्रेन नहीं है तो ट्रैक पूरी तरह से खाली है, इसलिए ग्रीन सिग्नल जल्दी मिल रहा है।
ऐसे स्वयं की सुरक्षा
किसी भी पार्सल ट्रेन को रवाना करने से पहले उसके इंजन को बेहतर तरीके से सैनिटाईजर किया जाता है। लोको पायलट को कार्यभार दिया जाता है। रेल मंडल में लोको पायलट टीम के कप्तान अजीत आलोक व गार्ड की टीम के कप्तान विपुल सिंघल इस बात को व्यक्तिगत देख रहे है कि ड्यूटी के पूर्व कर्मचारियों को सुरक्षा किट दिया जा रहा है या नहीं। मंडल में इनको साबुन, सैनिटाईजर, मास्क सहित अन्य सामान नहीं होने पर तुरत देते है। गार्ड हो या चालक व सहायक चालक, इनको कार्य पर जाने के एक से दो घंटे पूर्व सूचना मिलती है कि किस मालगाड़ी में ड्यूटी पर जाना होता है।
राष्ट्र इस सेवा को याद रखेगा
कोरोना वायरस का दौर यह भरोसा है कि जल्दी चला जाएगा। लेकिन इस समय जिस तरह से मंडल में लोको पायलट, सहायक पायलट, गार्ड सहित पूरा रेलवे जिस तरह से कार्य करके जरूरी सामग्री को पहुंचाने में सेवाएं दे रहा है, यह भरोसा है कि इसको राष्ट्र जरूर याद रखेगा।
- विनित गुप्ता, मंडल रेल प्रबंधक
Published on:
11 May 2020 10:00 am

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