
lok sabha election 2019: sadhu-sant matdata par BJP Congress ki nazar
रतलाम। कांग्रेस प्रत्याशी कांतिलाल भूरिया की भतीजी एवं जोबट विधायक कलावती भूरिया उनके लिए संकट मोचक बनकर आई। उन्होंने काका कांतिलाल के विरोधी एवं निर्दलीय नामांकन भरने वाले मथियास भूरिया से चर्चा कर मन बदलने में भूमिका निभाई। कांतिलाल को मोरडूंडिया कांतिलाल का गृहग्राम) पहुंचाने की बात कहने वाले मथियास ने अंतिम दिन अपना नामांकन वापस ले लिया।
रतलाम-झाबुआ संसदीय सीट पर पूर्व विधायक जेवियर मेड़ा के साथी एवं राणापुर जनपद सदस्य मथियास भूरिया ने कांग्रेस प्रत्याशी कांतिलाल भूरिया के खिलाफ मोर्चा खोल रखा था। मथियास कांग्रेस से जुड़े रहे हैं इसलिए उन्हें मनाने की लगातार कोशिशें की जा रही थी। इन प्रयासों के बीच कांतिलाल की भतीजी एवं जोबट विधायक कलावती भूरिया ने मथियास से बात करने की जिम्मेदारी उठाई। आखिरकार मथियास मान गए। गुरुवार को नाम निर्देश पत्र वापस लेने का अंतिम दिन था तो सुबह 11 बजे मथियास नामांकन वापस लेने कलेक्टोरेट पहुंच गए। उनके साथ कलावती भूरिया सहित अन्य नेता मौजूद थे।
ये हुआ अंतिम दिन
रतलाम-झाबुआ संसदीय सीट पर गुरुवार को नाम वापसी का अंतिम दिन था। निर्धारित समय तक तीन प्रत्याशियों ने नामांकन वापस ले लिए। इसके साथ ही अब सांसद की दौड़ में 9 उम्मीदवार रह गए हैं। रतलाम-झाबुआ संसदीय सीट के लिए कुल 13 लोगों ने नामांकन दाखिल किए थे। इनमें से एक नामांकन जांच में ही निरस्त कर दिया था। बचे हुए 12 प्रत्याशियों में से गुरुवार को सबसे पहले निर्दलीय प्रत्याशी मथियास भूरिया ने नामांकन वापस लिया। इसके बाद जोहरसिंह मीठूसिंह सेमलिया व जोसफ उर्फ रामसिहं ने भी रिटर्निंग अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत होकर अपने नाम निर्देशन पत्र ले लिए।
Published on:
03 May 2019 02:22 pm

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