
नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे
रतलाम। नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे, त्वया हिन्दुभूमे सुखं वर्धितोहम् । महामङ्गले पुण्यभूमे त्वदर्थे, पतत्वेष कायो नमस्ते नमस्ते ।। कि गूंज पथ संचलन के पूर्व सिविक सेंटर परिसर में गूंज रही थी। विजयादशमी अन्तर्गत सुबह संघ के स्वयंसेवको का घोष की मधुर धुन पर अनुशासनबद्ध पथ संचलन नगर के विभिन्न मार्गो पर निकला। विभिन्न वाहिनियों से सुसज्जित भगवा ध्वज को धारण करते हुए हजारों स्वयंसेवक कदम ताल करते हुए पुन: प्रारंभ स्थल पर पहुंचा। नगर के विभिन्न मार्गो पर समस्त हिन्दू समाज ने पुष्प के माध्यम से स्वयंसेवकों का उत्साहवर्धन किया।
जिन मार्गो से गुजरा करीब 10-15 मिनट के लिए राहगीर थम से गए। इस वर्ष संचलन के पूर्व बौद्धिक सुनने के लिए हिंदू समाज के 25 समाजों के प्रतिनिधी उपस्थित रहे, यह अपने आप में सामाजिक समरसता की अनोखी मिसाल है। पथ संचलन के पूर्व राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के उज्जैन विभाग संघचालक बलराज भट्ट ने विजया दशमी संबोधित करते हुए कहा कि भारत भूमि सदैव अत्याचार एवम् आतंक से संघर्ष करने वाली तथा बलिदान की भूमि रही है। अत: इस भारत भूमि पर जन्म लेना परम सौभाग्य की बात है।
समाज को एक सूत्र में संगठित करने का कार्य किया
जब-जब समाज में विभाजन की स्तिथि उत्पन्न होती रही है तब-तब समाज में से ही ऐसे महापुरुष प्रकट हुए, जिन्होंने समाज में विभाजन को समाप्त कर समाज को एक सूत्र में संगठित करने का कार्य किया । प्रभु श्रीराम ने सभी सामान्य जनों केवट, निषादराज, शबरी, जटायु, वानर को सहभागी बनाकर अत्याचारी रावण के आतंक को समाप्त किया। भगवान् श्रीकृष्ण ने ग्वाल बालों की सहभागिता से कंस के आतंक का विनाश किया। इन्हीं प्रेरणा पुञ्ज से प्रेरणा लेकर डॉ हेडगेवार ने हिन्दू समाज को संगठित करने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की । आज भी हिन्दू समाज को विभाजित करने के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय षड्यंत्र हो रहे है । पिछले कुछ समय से देश में जातिगत आंदोलनों की गहराई से जांच पड़ताल करते है तो पता चलता है कि इसके आर्थिक स्त्रोत एवम् वैचारिक स्त्रोत विदेशी भूमि में पाए गए।
3 हजार स्वयंसेवक शामिल हुए
इस अवसर पर मंच पर प्रसिद्ध समाजसेवी राजेश पटेल, जिला संघचालक वीरेंद्र वाफगांवकर, नगर संघचालक सुरेन्द्र सुरेका आसीन थे। इस अवसर पर समारोह में शहर विधायक चेतन्य काश्यप, वित्त आयोग के अध्यक्ष हिम्मत कोठारी, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रमेश मईड़ा, पूर्व महापौर शैलेंद्र डागा, माधव काकाणी, अशोक चौटाला, विष्णु त्रिपाठी आदि संघ के प्रांतीय, विभागीय, जिला एवम् नगर के दायित्ववान अधिकारी गण सहित लगभग 3 हजार स्वयंसेवक उपस्थित थे।
Published on:
22 Oct 2018 09:59 pm
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