
पर्यटन स्थल मांडू में महिला रेलकर्मियों के सशक्तिकरण की कार्यशाला पर उठे सवाल
रतलाम. रेलवे कर्मचारियों के वेलफेयर कमेटी की ओर से महिला सशक्तिकरण के नाम पर प्रदेश के पर्यटन स्थल मांडू में शनिवार को आयोजित कार्यशाला विवादों में आ गई है। मांडू में सेमिनार आयोजन को लेकर रेलवे में ही सवाल उठने लगे हैं। यहां से ५६ से अधिक कर्मचारियों को बस में बैठाकर मांडृू ले जाया गया था। मांडू में न तो कोई रेलवे स्टेशन और न ही यहां पर रेल लाइन है, ऐसे में आयोजन सवालों के घेरे में आ गया है।
सेमिनार में ४६ महिला रेल कर्मचारी, ४ खलासी के अलावा ६ पुरुषों को भेजा गया। बड़ी बात ये है कि इसमें एक पदाधिकारी यूनियन से तो एक मजदूर संघ के रखा गया था। इतना ही नहीं, लेखा विभाग के कार्यालय अधीक्षक को महिलाओं के शक्तिकरण की कार्यशाला में शामिल किया गया। ये कार्यशाला पूर्व में 16 अगस्त को होनी थी, लेकिन एक दिन पूर्व रक्षाबंधन के त्योहार के चलते इसे निरस्त कर दिया गया। बाद में इसको 24 अगस्त को आयोजित करने का निर्णय हुआ।
कार्यशाला के संबंध में 19 अगस्त को मंडल के सहायक कार्मिक अधिकारी एएस सागर ने पत्र जारी किया। इसमंे उल्लेख किया कि मंडल कार्यालय से सुबह ७ बजे बस से महिलाओं को कार्यशाला में भेजा जाएगा। महिलाओं की तबीयत खराब हो तो तुरंत इलाज मिल सके, इसके लिए फॉर्मास्टिक को भी भेजा गया। इनके अलावा सेक्शन इंजीनियर अतुल सिंह राठौर, स्टेशन मास्टर व मजदूर संघ के पदाधिकारी (उज्जैन) अभिलाश नागर, स्टेशन मास्टर (चित्तौडग़ढ़) दिनेश दशोरा, लेखा विभाग के मुख्य कार्यालय अधीक्षक आरसी शर्मा, ओएचई विभाग के वरिष्ठ सेक्शन इंजीनियर अजय सिंह को भी शामिल किया गया।
इस मामले में पहली बार जानकारी मिल रही है। ये गंभीर मामला है। तुरंत जांच के आदेश दे रहा हूं। जो दोषी है उस पर सख्त कार्रवाई होगी।
आरएन सुनकर, मंडल रेल प्रबंधक
Published on:
25 Aug 2019, 5:43 PM IST
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