
रतलामः इंसान अपने जीवन में कितनी भी उपलब्धियां हासिल कर ले, कितने ही ऊंचे मुकाम पर पहुंच जाए, कितना ही मान सम्मान हासिल क्यों ना कर ले, लेकिन जिंदगी का एक कटु सत्य यह है कि, उसे एक ना एक दिन मौत का मज़ा चखना है। यानि, इंसान की असली मंजिल मौत है, जिसपर विजय पाना किसी भी इंसान के लिए असंभव है। व्यक्ति कितना भी अमीर हो वह अपनी दोलत से दुनिया की हर चीज़ खरीद सकता है पर जीवन नहीं खरीद सकता। किसी भी व्यक्ति को यह पता नहीं होता कि, उसकी मृत्यु कब और कैसे होगी। इस बात का अनुमान लगाना काफी मुश्किल होता है। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि, शास्त्रों में हर इंसान की मृत्यु का समय भी बताया गया है। शास्त्रों के अनुसार, आपके हाथ के कलाई की रेखाएं बताती है, कि आपका जीवन दुनिया में कितने बरस होगा।
ऐसे जाना जाता है जीवन
हालांकि, आज के जमाने में कई लोगों को इन बातों पर विश्वास नहीं होता, लेकिन दुनिया में कई लोग ऐसे भी हैं जो शास्त्रों द्वारा बताई गई इन बातों को सत्य मानते हैं। शास्त्रों के अनुसार, इंसान के हाथ में मणिबंद रेखा होती है जिसका अध्यन करके इंसान की उम्र का पता लगाया जाता है। जिस व्यक्ति के हाथ में चार मणिबंद रेखाएं होती हैं वह 100 साल तक जीवित रह सकते हैं, अगर आपके हाथ में चार मणिबंद रेखाएं हैं तो आपको निश्चित रहना चाहिए क्योंकि आपका जीवन काफी सुखमय बीतने वाला है। जिस व्यक्ति के हाथ की कलाई में तीन मणिबंद रेखाएं होती हैं वह 70 से 75 बरस जीवित रह सकते हैं, कलाई कि यह रेखाएं कटी फटी और पतली हों तो इसके पीछे संकेत यह है कि, आपके जीवन में कई बाधाएं आएंगी। वहीं, जिस व्यक्ति के हाथ में दो मणिबंद रेखाएं हो तो वह 50 से 55 साल का जीवित रह सकते हैं अगर आपके हाथ की कलाई कि यह रेखाएं स्पष्ट हैं तो आपका जीवन बहुत ही सुखमयी होगा।
हम खुद तय करें कि हम कैसे जिएं
इसके अलावा जिस व्यक्ति के सीधे हाथ की कलाई पर सिर्फ एक मणिबंद रेखा हो तो उसका जीवन हमेशा ही खतरे में बना रहता है, वह इंसान चाहे कम जिए या फिर ज्यादा जिए लेकिन समस्याएं उसके पीछे लगी ही रहती हैं। अक्सर, ऐसे लोग ज्यादा जीवन नहीं जी पाते। उम्मीद करते हैं यह जानकारी आप को जरुर पसंद आई होगी, वैसे भी आप इस जानकारी को पसंद करे या ना करें, लेकिन यह ज़रूर याद रखें कि, मौत ही हर इंसान के जीवन का एकमात्र सत्य है, इस बात को हमेशा ध्यान रखना चाहिए। साथ ही, हमें इस बात का ध्यान रखना रखना चाहिए कि, जीवन भसले ही एक दिन का हो या एक सौ साल का उसे निस्वार्थ जियें, लोभ-लालच से दूर रहें, लोगों से अच्छा व्यवहार रखें। क्योंकि, इंसान के शरीर को मौत आती है, उसके विचारों को नहीं। अगर इंसान के विचार, व्यवहार अच्छा है तो लोग उसे हमेशा अच्छे कर्मों के लिए जानते हैं और अगर इंसान का व्यवहार लोगों से बुरा है तो लोग मरने के बाद भी हमेशा उसकी आलोचना करते हैं। अब तय हमें करना है, कि, जीवन भले ही जितना भी हो, उसे जीना कैसे है।
Updated on:
14 Jan 2019 03:49 pm
Published on:
14 Jan 2019 03:40 pm
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