
Bribe Case : सरकार की तमाम सख्तियों और लोकायुक्त टीम की लगातार कार्रवाई की बावजूद मध्य प्रदेश में रिश्वतखोरी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। लगातार जारी सख्त कार्रवाई के बावजूद प्रदेश के किसी न किसी सरकारी विभाग में ये रिशवतखोर अफसर या कर्मचारी घूस लेते पकड़ा रहे हैं। ताजा मामला सूबे के रतलाम जिले से सामने आया है। यहां एक पटवारी 40 हजार रिश्वत लेते रंगे हाथ धराया है।
फरियादी गोपाल उपाध्याय द्वारा शिकायत सामने आने के बाद लोकायुक्त महानिदेशक जयदीप प्रसाद के निर्देशन में लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक अनिल विश्वकर्मा के मार्गदर्शन में डी.एस.पी सुनील तालान एवं राजेश पाठक समेत लोकायुक्त टीम ने गुरुवार को फरियादी गोपाल उपाध्याय निवासी पंचेड से 40 हजार नगद राशि की रिश्वत लेते हुए पटवारी रमेश चंद्र बैरागी को गिरफ्तार किया है।
बताया जा रहा है कि, पटवारी ने ये रिश्वत आवेदक की भूमि के सीमांकन के बाद ही पटवारी रिपोर्ट पेश करने के एवज में मांगी थी। रिश्वत की रकम के 40 हजार जैसे ही पटवारी बैरागी ने हाथ में लिए चारों तरफ पहले से ही फैली लोकायुक्त टीम ने उसे दबोच लिया।
मिली जानकारी के अनुसार, पटवारी ने फरियादी से कुल 50 हजार रिश्वत की डिमांड की थी। फरियादी गोपाल उपाध्याय द्वारा पहली किस्त के रूप में 40 हजार देना तय हुआ था। काम पूरा होते ही रिश्वत की शेष रकम के 10 हजार देना तय था। हालांकि, फरियादी की शिकायत के बाद एक्टिव हुई लोकायुक्त टीम ने रिश्वत की पहली इन्सटॉलमेंट के रूप में दिए जा रहे 40 हजार रूपए लेते पटवारी को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।
टीम ने आरोपी पटवारी रमेश बैरागी के खिलाफ धारा 7, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन 2018) के अधीन प्रकरण दर्ज कर मामला विवेचना में लिया है। ये कार्रवाई पंचायत भवन पंचेड पर की जा रही है, जिसे प्रधान आरक्षक हितेश लालावत, आरक्षक संदीप कदम, श्याम शर्मा, इसरार खान, कमल पटेल समेत लोकायुक्त टीम के 10 सदस्य शामिल रहे।
Updated on:
05 Dec 2024 02:16 pm
Published on:
05 Dec 2024 01:13 pm
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