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जिला अस्पताल में बारिश बाद गिरने लगे छत से प्लास्टर

रतलाम। जिला अस्पताल में लगातार बारिश से वार्डों में टपकते पानी के कारण मरीजों को रातोरात मेडिकल कॉलेज पहुंचाना पड़ा। जर्जर हो चुके वार्डो के वाशरूम की छत से से प्लास्टर गिरने लगे हैं।

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गुरुवार को भी अस्पताल में इलाज के लिए आइसोलेशन वार्ड में भर्ती दादी की सेवा कर रही पौती भी उस समय घायल हो गई जब वह अपनी दादी को वाशरूम में टायलेट करवाने ले गई। वह बाहर खड़ी इंतजार कर रही थी कि इसी दौरान छत का प्लास्टर उस पर आ गिरा। उसे भी दादी के पास के ही पलंग पर भर्ती करके इलाज करना पड़ रहा है।

बड़ा सा हिस्सा फर्श पर आ गिरा
हिम्मतनगर कॉलोनी निवासी जाह्नवी ने बताया उसकी दादी कलाबाई को इलाज के लिए आइसोलेशन वार्ड भर्ती है। दोपहर बाद उन्हें टायलेट आने से जाह्नवी हाथ पकड़कर उन्हें वाशरूम में ले गई। दादी अंदर गई हुई थी और जाह्नवी बाहर खड़ी इंतजार कर रही थी। इसी दौरान उस स्थान पर छत के प्लास्टर का एक बड़ा सा हिस्सा फर्श पर आ गिरा। इसका कुछ हिस्सा जाह्नवी के हाथ और सिर पर लगता हुआ नीचे आया। जाह्नवी के हाथ और सिर में चोंट आई। अचानक हुए घटनाक्रम के बाद वहां भर्ती मरीजों और उनके परिजनों में भी हडड़ंप मच गया। वार्ड की सिस्टरों ने जाह्नवी के हाथ में आई चोंट का इलाज करके मरहम पट्टी की और दादी के पास के पलंग पर ही उसे भर्ती कर लिया।

सारे टायलेट की यही स्थिति
जिला अस्पताल के वार्डों के लगभग सभी टायलेट की यही स्थिति है। भवन के साथ ही ये जर्जर हो चुके हैं। आए दिन इनकी छत का प्लास्टर फर्श पर गिरने की घटनाएं होती रहती है। वाशरूम में दरवाजों की भी यही स्थिति है। उनमें कुंडी तक ठीक नहीं है तो कई बार पानी की व्यवस्था भी नहीं होती है।

इन वार्डों की हालत खराब
जिला अस्पताल में मेल सर्जिकल वार्ड में एक तरफ दीवार से बारिश के दौरान पानी रिसने पर वार्ड खाली करवाकर छत पर प्लास्टिक लगवाई गई, फिर भी पानी टपकना बंद नहीं हुआ। इससे अधिक हालत खराब इमरजेंसी वार्ड की है। यहां पूरे बरामदा जर्जर हो रहा है तो कई जगह से प्लास्टर पहले ही गिर चुका है, बारिश में पानी टपकता रहता है, जिसके निशान अब भी मौजूद है, वार्ड में भी पानी आता है। अस्पताल का ओपीडी कक्ष पर्ची बनाने वाले स्थान पर पल्ली बांधकर काम किया जा रहा है। इमरजेंसी ओपीडी के साथ ही मरीजों के आवागमन स्थल पर पानी पटकता रहता है।

जर्जर भवन घोषित
लोक निर्माण विभाग इसे काफी पहले जर्जर घोषित कर चुका है। ऐसे में प्लास्टर गिरना स्वाभाविक है, फिर भी रिपेयरिंग करवाकर काम चला रहे हैं।
एमएस सागर, सिविल सर्जन, जिला अस्पताल