
datia news (भाई ने की भाई की हत्या Photo Source- Patrika)
फोटो-आरटी-2604-भाई की कलाई के लिए राखी बनाती अंचल की बहनें
फोटो-आरटी-2605-जब मेला लगाया तो खरीदने उमडे़ परिवार
रतलाम। आगामी रक्षा बंधन पर्व को देखते हुए मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़े स्व-सहायता समूह आकर्षक और विविध प्रकार की हस्तनिर्मित राखियां तैयार कर रहे हैं। जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों की महिला उद्यमी पारंपरिक और आधुनिक डिजाइनों की राखियां बनाकर स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने के साथ आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं। जिले के 9 स्व सहायता समूह ने राखी के पूर्व ही इनका निर्माण किया। जब जिला पंचायत को इस बारे में पता चला तो इन राखी की बिक्री के लिए मेले का आयोजन किया। तीन दिन के मेले में ही समूह के सदस्यों ने हजारों रुपए की कमाई कर ली।
आत्मनिर्भर भारत और लोकल फॉर वोकल की तर्ज पर 21 से 23 अगस्त तक जिला स्तरीय आजीविका राखी मेले का आयोजन किया गया। इसमें जिले के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों से आए स्व-सहायता समूहों ने भाग लिया। कलेक्टर अजय कटेसरिया और जिला पंचायत सीईओ वैशाली जैन की मौजूदगी में आयोजित मेले का उद्देश्य महिला उद्यमियों को बाजार उपलब्ध कराना और स्थानीय व्यापार को बढ़ावा देना था। मेले में 24 स्व-सहायता समूहों से जुड़ी 19 महिला उद्यमियों ने करीब 47 हजार रुपये का व्यापार किया। यहां हस्तनिर्मित राखियों के अलावा रेशम की चूड़ियां, लाख की चूड़ियां, झूमर और भगवान की आकर्षक पोशाकें बिक्री के लिए रखी गईं।
इन गांव की महिलाओं ने बढ़ाए कदम
आडपथ गांव की सप्ली को करीब 10 हजार, रावटी की सोनू बारिया को 9 हजार, मुंडलाकला की प्रेम देवी को 14 हजार, इसी गांव की अंगूरबाजा को 15 हजार, सुखेड़ा की आरती को 16 हजार, राकोदा की सपना को 12 हजार, भीमाखेड़ी की कोशल्या को 15 हजार, हाट पिपलिया की अंकिता को 16 हजार, बोदीना की संगीता को 10 हजार रुपए की अतिरिक्त आय समूह चलाने के दौरान राखी बनाने से अब तक हुई है। असल में यह महिलाएं समूह के रूप से हर माह अपने परिवार के अर्थतंत्र को मजबूत कर रही है। मेले के अतिरिक्त इन समूह की महिलाएं स्थानीय बाजार में भी रोजगार कर रही है।
अर्थव्यवस्था को भी मजबूत कर रही
फोटो-आरटी-2606-वैशाली जैन, सीईओ, जिला पंचायत, रतलाम
आजीविका मिशन द्वारा समूहों को प्रशिक्षण और व्यावसायिक सहयोग दिया जा रहा है, जिससे उत्पादों की गुणवत्ता, विपणन और आय में वृद्धि हो सके। राखी निर्माण और बिक्री की यह पहल ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर देने के साथ स्थानीय कला, हस्तशिल्प और अर्थव्यवस्था को भी मजबूत कर रही है।
-वैशाली जैन, सीईओ, जिला पंचायत, रतलाम
Updated on:
26 Aug 2026 06:00 am
Published on:
26 Aug 2026 06:00 am
