ग्राहक अगर छटनी करता है तो मना कर दिया जाता है। ऐसे में सफर के दौरान खरीदारी करने वाले ठगा सा महसूस करते हैं। इस दौरान धड़ल्ले से यहां प्लास्टिक की थैलियों का भी उपयोग हो रहा है। स्पीकर के माध्यम से ग्राहकों को पल-पल बदलते भाव की रिकार्डिंग सुनाकर आकर्षित किया जा रहा है और एक-दो नहीं 10 से 15 ठेलागाड़ी पर दिन भर यहीं होता है।
दिन में तीन बार बदलते आम के दाम
गुरुवार को सुबह जिस बादाम आम के भाव 60 रुपए किलो थे, वहीं दोपहर में 100 रुपए के ढाई किलो के भाव हो गए और शाम होते होते 100 रुपए के तीन किलो के भाव में बिकने लगते हैं। जबकि डाट की पुलिया, घास बाजार, राम मंदिर आदि क्षेत्रों में सुबह से शाम तक बादाम आम 50 से 60 रुपए किलो के भाव मिलता है। दूसरी तरफ आम का रस के शोकिन है तो सतर्क रहे, क्योंकि कई आम रस दुकानों पर स्वाद बढ़ाने के लिए एसेंस, सेकरिन के साथ कलर भी मिलाया जाता है, जो सेहत के लिए नुकसानदायी साबित हो सकता है।
इनका कहना है..
जांच की जाएगी, अगर ज्यूस सेंटर हो या फिर खराब फल-फ्रूट बैचते है हुए पाए जाते है, नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।
कमलेश जमरे, सहायक खाद्य एवं औषधि प्रशासन अधिकारी, रतलाम