
छत्तीसगढ़ में 17 IPS अफसरों को पदोन्नति, किसी की जिम्मेदारी नहीं बदली, देखिए पूरी लिस्ट
रतलाम. एक तरफ जहां केंद्र की नरेद्र मोदी सरकार ने स्वर्ण वर्ग को सरकारी नौकरी में दस प्रतिशत आरक्षण देने का कानून बना दिया है दूसरी तरफ रेलवे ने एसीएसटी वर्ग को नौकरी में विभागीय पदोन्नती के नियम में बदलाव कर दिया है। गुप डी के SCST वर्ग को 3 के बजाए 2 वर्ष में पदोन्नति मिल सकेगी। इसके लिए लंबे समय से NFIR आवाज उठा रही थी।
रेलवे ने चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को जीवन स्तर सुधारने का अवसर दिया है। इसके लिए अब दो वर्ष की नौकरी पूरी करने के बाद ही विभागीय प्रमोशन मिल सकेगा। इसके लिए तीन वर्ष में होने वाली परीक्षा को दो वर्ष में करवाया जाएगा। पहले नियुक्ति के तीन वर्ष बाद परीक्षा होती थी, अब ये दो वर्ष में होगी। परीक्षा में पास होने के बाद पदोन्नती होती थी। अब दो वर्ष में हो जाएगी।
दो दिन की बैठक रतलाम में
वेस्टर्न रेलवे एम्प्लाईज यूनियन की मंडल समिति की दो दिन की बैठक रतलाम में होगी। आगामी 16 व 17 जनवरी को होने वाली बैठक में विभिन्न मामलों पर चर्चा होगी। नई पेंशन योजना का विरोध, संगठन का विस्तार, रनिंग कर्मचारियों के माइलेज भत्ते, सुरक्षा व संरक्षा के लिए बने नए नियम पर चर्चा के साथ-साथ इस वर्ष रेल संगठन की मान्यता को लेकर होने वाले चुनाव की तैयारियों पर भी चर्चा होगी। इसमे मंडल समिति के सदस्यों व पदाधिकारियों के अलावा युवा समिति, सहित विभिन्न ब्रांच के पदाधिकारी भ्साी शामिल होंगे।
रेलवे बोर्ड ने आदेश जारी
इस मामले में मंडल के वेस्टर्न रेलवे मजदूर संघ के मंडल मंत्री बीके गर्ग ने बताया कि अनुसूचित जाति व जनजाति वर्ग के चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को विभागीय परीक्षा के लिए तीन वर्ष तक इंतजार नहीं करना होगा। ये सुविधा उनको दो वर्ष में ही मिल जाएगी। इसके लिए 8 जनवरी को रेलवे बोर्ड ने आदेश जारी कर दिए है। मंडल में तीन हजार रेल कर्मचारियों को इससे लाभ होगा। इस मामले को सबसे पहले एनएफआईआर ने उठाया था।
Published on:
14 Jan 2019 02:08 pm
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