
राजधानी व अन्य ट्रेन में फ्लैक्सी किराए को बंद करने को कहा
कैग की फटकार से रेलवे में हड़कंप, कैग ने कहा विमान से महंगी आपकी ट्रेन, खाली जा रही सीट
रतलाम। मुंबई रतलाम दिल्ली के बीच चलने वाली राजधानी, अगस्त क्रांति, हमसफर, दूरंतो ट्रेन की रतलाम कोटे की सीट महीने में २० से अधिक दिन खाली जा रही है। इसकी एक बड़ी वजह रेलवे में इन ट्रेन में किराए में फ्लैक्सी किराया प्रणाली को लागू करना है। एेसे में अब भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (कैग) ने अपनी ताजा रिपोर्ट में रेलवे को जमकर फटकार लगाई है। इस फटकार के बाद पश्चिम रेलवे में हड़कंप है। ये स्थिति उदयपुर से मैसूर जाने वाली हमसफर ट्रेन व इंदौर से लिंगमपल्ली जाने वाली ट्रेन की है।
पहले जाने क्यों फटकारा कैग ने
असल में कैग ने दिल्ली से चलने वाली १३ दिशा की राजधानी ट्रेन व विमान सेवा के किराए की तुलना की। इसमें पाया कि १२० दिन पूर्व ट्रेन का टिकट अगर दिल्ली से इंदौर होते हुए उडऩे वाले विमान में मुंबई का कराते है तो १२०० रुपए में एक सीट पड़ती है, जबकि ये ही एक सीट राजधानी ट्रेन में कराने पर १८०० से २५०० रुपए में मिलती है। एेसे में राजधानी, दूरंतो व अगस्त क्रांति व हमसफर स्तर की ट्रेन में तृतिय श्रेणी वातानुकूलित सीट ५ से २० प्रतिशत तक खाली जा रही है। कैग के अनुसार सितंबर २०१६ से जुलाई २०१७ तक इन ट्रेन में पश्चिम रेलवे ने अपने २ लाख यात्री खोए।
हमसफर तो खाली जा रही
कुछ माह पूर्व रेलवे ने उदयपुर से मैसूर व इंदौर से लिंगमपल्ली के लिए हमसफर ट्रेन की शुरुआत की। इंदौर से चलने वाली २० से अधिक डिब्बों वाली ट्रेन को एक हजार यात्री भी नहीं मिल पा रहे। इतना ही न ये ही स्थिति उदयपुर से चलकर रतलाम होते हुए मैसूर जाने वाली हमसफर ट्रेन की है।
इन ट्रेन में तो २० दिन सीट खाली
मुंबई से रतलाम होकर दिल्ली जाने वाली राजधानी व अगस्त क्रांति के अलावा इंदौर से रतलाम होकर मुंबई जाने वाली दूरंतो व दिल्ली रतलाम मुंबई दूरंतो ट्रेन में तो माह में २० दिन सीटें खाली जा रही है। अब तक इसको भरने के रेलवे के प्रयास खाली गए है। इसके बाद ही अब कैग ने कहा है कि रेलवे को इन ट्रेन मंे से फ्लैक्सी किराए को बंद कर देना चाहिए।
इस पर निर्णय अधिकार मंडल का नहीं
इस मामले में निर्णय लेने का अधिकार मंडल को नहीं है। इस पर विचार वरिष्ठ कार्यालय करता है। जहां तक सीट खाली रहने का मामला है तो कई बार प्रतिक्षा के टिकट भी जारी होते है।
- जेके जयंत, जनसंपर्क अधिकारी, रतलाम रेल मंडल
Published on:
22 Jul 2018 05:36 pm
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