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रतलाम। मध्यप्रदेश के रतलाम में मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। यहां पर सरकारी अस्पताल की एम्बुलेंस नहीं मिलने के बाद एक चार वर्ष की मासूम इलाज में देरी की वजह से मर गई। मामले में वीडिया वायरल होने के बाद अब सरकारी जिम्मेदार अधिकारी जांच का भरोसा दे रहे है, लेकिन क्यश मासूम को वापस लाया जा सकेगा, मां के इस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं है।
ये है पूरा मामला
जिले के पिपलौदा के नांदलेटा क्षेत्र के कालबेलिया बस्ती में रहने वाले घनश्याम नाथ अपनी पत्नी जीना के साथ सोमवार को बेटी जीजा को लेकर सैलाना के सामुदायीक स्वास्थ्य केंद्र देापहर ३ बजे पहुंचे। चिकित्सकों ने इलाज शुरू किया, लेकिन शाम को ५ बजे जब हालात अधिक खराब हुई तो रतलाम जिला अस्पताल ले जाने की सलाह दी गई। सैलाना अस्पताल से एम्बुलेंस की मांग की गई, लेकिन घनश्याम को मदद नहीं मिली। इसके बाद पति व पत्नी हाथ में ग्लुकोज की बोतल थाम कर रतलाम के लिए बाइक पर ही निकल लिए।
जिसने देखा, रो दिया
रतलाम के बाल चिकित्सालय में शाम को करीब ६ बजे जब परिवार बाइक से हाथ में गुलोकोज की बोतल लेकर पहुंचा। पति के हाथ में बेटी व पत्नी ने सुई लगी हुई ग्लुकोज की बोतल को थाम रखा था। जिस किसी ने इस दृश्य को देखा, उसकी सांसे थम गई। मानवता शर्मसार हुई तो हर कोई रो दिया। अस्पताल में पिता अपनी ४ वर्ष की मासूम को हाथ में थामे अस्पताल में पहुंचे व पीछे-पीछे मासूम की मां स्लाइन व ग्लुकोज की बोतल लेकर दौड़ रही थी। इस मार्मिक दृश्य ने सभी को रुला दिया। यहां पर चिकित्सक प्रिया डामोर ने उपचार शुरू किया। लेकिन मासूम ने दम तोड़ दिया।
निमोनिया बता रहे कारण
अस्पताल प्रभारी डॉ. आरसी डामोर मासूम की मौत का कारण निमोनिया को बता रहे है। वही अपर कलेक्टर डॉ. कैलाश बुंदेला के अनुसार इस मामले की जांच की जाएगी। इसमे जो दोषी होगा उस पर कार्रवाई होगी।
Published on:
03 Mar 2018 01:30 pm
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