
Ratlam road accident, 1 death, 2 injured
रतलाम. शहर के सैलाना ओवरब्रिज पर सोमवार - मंगलवार देर रात सफाई कर रहे तीन कर्मचारियों को सफेद रंग की अज्ञात कार ने कुचल दिया। इलाज के दौरान एक महिला कर्मचारी की मौत हो गई, कर्मचारी को ठेकेदार ने रखा हुआ था, दिन में नगर निगम संयुक्त सफाई कर्मचारी संघर्ष समिति के सदस्य जब निगम आयुक्त एसपीएस गहरवाल से मिलने गए तो उन्होंने पहले आर्थिक सहायता की मांग मंजूर कर ली, कर्मचारी परिवार के एक सदस्य को नोकरी देने की मांग पर अड़े रहे, दोनों पक्ष के बीच देर तक बहस हुई, गुस्से में आयुक्त ने कॅरियर खराब करने की धमकी दे दी, इससे नाराज होकर निगम के स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी संगठनों ने मृतक महिला कर्मचारी के शव को निगम मुख्य रोड पर रखकर देर तक प्रदर्शन किया। बाद में राजस्व व पुलिस के अधिकारी आए, आयुक्त को बुलवाया, मनाने का दौर चला, बाद में आयुक्त ने रोड पर बैठकर मांग मंजूर की।
सैलाना रोड पर देर रात करीब 1.30 - 2 बजे के बीच निगम के ठेके के कर्मचारी काम कर रहे थे। इसी बीच तेज गति से एक कार आई, व तीन कर्मचारियों को रोंदते हुए निकल गई। इससे कविता भाटी, हिना परमार एक अन्य महिला पूजा गंभीर रूप से घायल हो गए। अन्य कर्मचारी सभी घायलों को जिला चिकित्सालय लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान कविता की मृत्यु हो गई। जबकि हिना गंभीर रूप से घायल है।
सुबह पता चला संगठनों को
दुर्घटना व मौत की जानकारी निगम कर्मचारियों को सुबह लगी। इसके बाद दोपहर करीब 12 बजे सफाई कर्मचारी संगठन के पदाधिकारी राम कल्याणे, संजय पैमाल, विजय खरे, कमल भाटी, कमल शिंदे, अमर चौहान आदि आयुक्त गहरवाल के कमरे में गए। कर्मचारी मृतक के परिवार को 10 लाख की आर्थिक सहायता, एक सदस्य को नोकरी, घायल के लिए दो लाख रुपए की सहायता मांग रहे थे, जबकि आयुक्त 15 हजार की सहायता नियम अनुसार देने की बात कह रहे थे। आयुक्त ने आर्थिक मदद की मांग मंजूर कर ली, जबकि परिवार के एक सदस्य को नोकरी देने की बात पर नियमों का हवाला दिया, इससे कुछ कर्मचारी नाराज हो गए व देर तक संगठन पदाधिकारियों व आयुक्त के बीच बहस हुई। अंत में आयुक्त ने बहस करने वाले कर्मचारी को कॅरियर खराब करने की चेतावनी दे दी। इससे संगठन सदस्य नाराज हो गए व धरना देने का निर्णय लिया।
शव लेकर पहुंचे परिजन
बाद में मृतिका कविता का शव लेकर पति दीपक व अन्य नगर निगम के शव वाहन से पहुंचे। इसके बाद करीब दो घंटे तक शव रखकर प्रदर्शन चला। इस दौरान मुख्य रोड पर शव रखा व रोड को जाम कर दिया। कर्मचारी नेताओं ने इस दौरान संबोधन दिया। नेताओं का कहना था 11 लाख रुपए का व्यय कर मशीन से काम कराया जा रहा है, इसके बजाए 100 कर्मचारी नियुक्त किए जाए तो बेहतर सफाई होगी। धरने होगा, इसकी सूचना मिलने पर नगर निगम से महापौर प्रहलाद पटेल व आयुक्त गहरवाल चले गए।
पहुंचे आला अधिकारी
मामला बिगड़ता देख सूचना पर तहसीदार ऋषभ ठाकुर, सीएसपी अभिवन बारंगे, एसडीएम संजीव केशव पांडे आदि पहुंचे। इसके बाद देर तक वार्ताओं का दौर चला। कर्मचारी संगठन इस बात के लिए अड़े रहे कि महापौर व आयुक्त आए व चर्चा करें। एसडीएम ने कहा धरना बंद कर दिया जाए, शव को मुक्तिधाम ले जाए, चर्चा बैठकर हो जाएगी, लेकिन कर्मचारी नेता रोड पर ही वार्ता के लिए अड़े रहे। करीब दो घंटे बाद आयुक्त गहरवाल एसडीएम पांडे ने फोन कर बुलवाया। आयुक्त बाहर के लिए निकल चुके थे, उनको रास्ते से आना पड़ा।
चालक के खिलाफ मामला दर्ज
सीएसपी बारंगे के अनुसार अज्ञात कार चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए व कार के मालिक की पहचान हो गई है। दो दिन में कार चालक को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
Published on:
06 Feb 2024 09:40 pm
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