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VIDEO STORY चलो बुलावा आया है सांई ने बुलाया है, एमपी के इस शहर में हो रहा बड़ा आयोजन

VIDEO STORY चलो बुलावा आया है सांई ने बुलाया है, एमपी के इस शहर में हो रहा बड़ा आयोजन

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sai baba hindi news

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रतलाम। सबका मालिक एक का बड़ा संदेश देने वाले सांई का 100वां प्राकट्य उत्सव एमपी के रतलाम में मनाने की शुरुआत हो गई है। रतलाम के शास्त्री नगर में स्थित सांई मंदिर में अलग-अलग दिन अलग-अलग आयोजन हो रहे है। 7 मई को यहां सांई के एक लाख से अधिक भक्तों का भंडारा होगा। इसमे दूर-दूर से भक्त आएंगे। अब तक भजन संध्या से लेकर अनेक आयोजन यहां हुए है। शहर का ये आयोजन सामाजिक समरसता के लिए जाना जाता है।

उत्सव के दौरान अलग-अलग आयोजन हो रहे है। प्रभात फेरी से लेकर रात में झांकियां देखने भक्त उमड़ रहे है। प्रभात फेरी में मधुर कंठ के साथ शिर्डी वाले सांई बाबा...आया हू तेरे दर पे सवारी...ओ मेरे साई देवा...तेरा ही नाम लेवा...जैसे सुमधूर भजनों पर थिरकते सांई भक्त लोबान की महक से सुंगधित होता वातावरण सांई भक्ति में लीन कर रहा था। ब्रह्ममुहूर्त से सांईमय प्रभात फेरी की शुरुआत टाटा नगर अम्बेचौक से की गई। भजनों पर झुमते भक्त और रास्ते भर मतदान करने का संदेश देते हुए लोगों को जागरूक करती आकर्षक रंगोली लुभा रही थी। मंदिर से प्रारंभ होकर रांगोली बुद्धेश्वर रोड, सैनिक कॉलोनी, शांति निकेतन कॉलोनी, टाटानगर मेन रोड, नया बाजना बस स्टैंड, दीनदयाल नगर मेन रोड, त्रिनेत्र महांकाल मंदिर चौराहे होते हुए राम मंदिर पहुंचकर महाआरती के रूप में विसर्जित हुई।

अभिषेक का हुआ आयोजन

शास्त्रीनगर सांई मंदिर पर प्राण प्रतिष्ष्ठा महोत्सव के अन्तर्गत सुबह शिर्डी के पंडित अनिल तलोरे द्वारा विधि विधान से 101 जोड़ों से सांई का अभिषेक करवाया गया। शाम होते ही मेला परिसर में लगी आकर्षक मूर्तियों को देखने के लिए लोगों पहुंचने लगे थे, तो दूसरी तरफ भजन गायक मदन गुरु के भजनों की आनंद भी उठाया। सांई सेवा समिति द्वारा धार्मिक से साथ सामाजिक क्षेत्र में भी सांई प्राण प्रतिष्ष्ठा महोत्सव अन्तर्गत कार्यक्रम किए जा रहे हैं। इसके अन्तर्गत 30 अप्रैल से 3 मई तक मंदिर परिसर में शाम 6.30 से रात 10 बजे तक रक्तदान शिविर का आयोजन होगा। कार्यक्रम सांई सेवा समिति, मानव सेवा समिति और जिला चिकित्सालय टीम के सहयोग से होगा।

इसलिए है ये महत्वपूर्ण

असल में यहां पर हर वर्ष 7 मई को सांई प्रसादी का आयोजन होता है। इसमे एक सांई के एक लाख से अधिक भक्त उमड़ते है। प्रसादी स्थान पर पहुंचने के मार्ग पर शहर के विभिन्न सामाजिक संगठन अपनी-अपनी मर्जी से ज्यूस, फल, छाछ से लेकर विभिन्न प्रकार की सामग्री के वितरण का केंद्र लगाते है। बड़ी बात ये है कि अनुशासित तरीके से होने वाले इस आयोजन में शहर की कोई वो सड़क नहीं बचती जहां से भक्त नहीं उमड़ते हो। शिर्डी के सांई मंदिर के ट्रस्ट से भी पदाधिकारी यहां आ चुके है।