
रतलाम। आमतोर पर शनि जयंती के दिन भक्त सुबह से लेकर दिनभर मंदिर में शनि को मनाने का उपाय करते है, लेकिन इस बात की जानकारी कम लोगों को है की शनिगृह दिन में नहीं संध्या के समय बली होता है। इसलिए शनि को मनाने के उपाय, पूजन आदि संध्या से लेकर रात तक करना चाहिए। ये बात रतलाम के प्रसिद्ध ज्योतिषी अभीषेक जोशी ने नक्षत्रलोक में शनि जयंती 2019 के दिन भक्तों को कही। सोमवती अमावस्या व वट सावित्री के दिन शनि को मनाने के विशेष पांच टोटके बताए गए।
ज्योतिषी जोशी ने कहा कि शनि को कर्मक्षेत्र में न्याय का देवता कहा गया है। ये न किसी का मित्र होता है न किसी का दुश्मन। इसलिए जो जैसा करता है, उसको वो फल मिलता है। इसलिए कर्मफल सही चाहिए तो बेहतर काम करते रहना चाहिए। शनि संध्या के समय अधिक प्रबल होता है, क्योकि सूर्य की ये संतान अपने पिता के सामने हठ तो करती है, लेकिन महादेव के आशीर्वाद के चलते ये सूर्य याने के अपने पिता का मान भी रखती है।
इस तरह मानते है शनि
आमतोर पर शनि की महादशा खराब हो, शनि का फल खराब मिल रहा हो, शनि से कुंडली पीडि़त हो तो ज्योतिष में नीलम पहनने की सलाह दी जाती है, जबकि ये गलत है। जो गृह कष्ट दे रहा हो, उसको धारण करने से नुकसान होता है। इसलिए बेहतर ये है कि शनि के गुरु महादेव की आराधना की जाए। शनि परेशान करें तो रुद्र का पाठ करने से लाभ होता है। इसके अलावा महादेव मंदिर में निरंतर भक्ति से भी लाभ होता है। वे लोग जिनको शनि से दरिद्र होने का योग बनता हो, उनको शाम के समय महादेव की स्तुती करना चाहिए।
इन टोटकों से होता लाभ
- शनि को तेल चढ़ाने से।
- काले कुत्ते को रोटी देने से।
- काली गाय को रोटी देने से।
- शनि से जुडे़ धातु के दान से।
- शनि के रंग के कपड़ों के दान से।
- बजरंगबली की आराधना से।
- हनुमान चालिसा पढऩे से।
- बजरंग बाण का पाठ करने से।
- रुद्राष्टकम का पाठ करने से।
- सोमवार व शनिवार शाम को महादेव के नाम से दान करने से।
- बेहतर कर्म करने से।
Published on:
03 Jun 2019 01:49 pm
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