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आचार्यश्री ने कहा कि भगवान महावीर चतुर्विद संघ की स्थापना की थी। संघ साधु-साध्वी और श्रावक-श्राविका का संयुक्त उपक्रम होता है, जिस संघ में आशा और उल्लास का तेज होता है, वह तेजस्वी होता है। एक नेतृत्व संगठन, समुचित व्यवस्था और प्रयोग धर्मिता किसी भी संघ के माइल्ड स्टोन होते है। संघ में पाने की कामना कम और जागने की भावना ज्यादा होनी चाहिए। इससे संघ लगातार प्रगति करता है। श्री अखिल भारतवर्षीय साधुमार्गी शान्त क्रान्ति जैन श्रावक संघ ऐसा ही संघ है, जिसका सदस्य होना सबके लिए गौरव की बात है।
दायित्वों का पालन करने का आव्हान
आचार्यश्री ने कहा कि संघ सदस्यों पर भगवान महावीर और पूर्वाचार्यों का अनंत उपकार है। संघ की सजगता से सेवा करना सबका दायित्व है। कोई भी संघ एक व्यक्ति के सहारे नहीं चलता, रतलाम संघ सौभाग्य शाली है, जिसमें अध्यक्ष मोहनलाल पिरोदिया, राजकुमारी पिरोदिया एवं रवि पिरोदिया के परिवार ने अभ्युदय चातुर्मास का आयोजन कर पूरे देश के सदस्यों को एकत्र किया है। आचार्यश्री ने सदस्यों से अनुशासन का पालन कर हर व्यक्ति से अपने दायित्वों का पालन करने का आव्हान किया।
24 मिनट संघ और शासन को दें
इससे पूर्व उपाध्याय प्रवरश्री जितेशमुनि ने संघ और प्रभु के शासन की सेवा करने के प्रकल्पों पर प्रकाश डाला। उनकी प्रेरणा से श्रावक-श्राविकाओं ने 24 घंटों में से 24 मिनट संघ और शासन को देने एवं अपने कार्यों से कभी संघ को हानि नहीं पहुंचाने के संकल्प लिए। मीना बाफना ने स्तवन प्रस्तुत किया। संचालन हर्षित कांठेड ने किया।
देश के विभिन्न हिस्सों से आए संघ सदस्य
रतलाम श्री संघ के अध्यक्ष मोहनलाल पिरोदिया एवं महामंत्री दिलीप मूणत ने बताया कि सागोद रोड निजी होटल में आयोजित वार्षिक अधिवेशन के प्रथम दिन पदाधिकारियों की पृथक एवं संयुक्त बैठकें हुई। इसमें बाद खुला अधिवेशन हुआ। अध्यक्षता संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजू भूरट ने की। इस दौरान महामंत्री सीए वीरेन्द्र जैन महिला मंडल अध्यक्ष अंजना कोचेटा, महामंत्री प्रियंका जैन, युवा संघ अध्यक्ष सपन कांकरिया एवं महामंत्री देवेन्द्र बांठिया सहित देश के विभिन्न हिस्सों से आए संघ सदस्यगण एवं पदाधिकारी मौजूद रहे। संघ के बालक-बालिकाओं की ओर से धर्म प्रसंगों पर आधारित सुंदर नाटिका की प्रस्तुति दी गई।
Published on:
28 Oct 2023 10:43 pm
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