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Big news : VIDEO-हड़़ताल खत्म, फिर भी नहीं होगी नीलामी

रतलाम। मध्यप्रदेश के मंडी व्यापारियों के लिए बड़ी खबर है, अब मंडी मेंं व्यापारियों को डेढ़ प्रतिशत के स्थान पर एक प्रतिशत शुल्क लगेगा। व्यापारी महासंघ के आव्हान पर जो हड़ताल पिछले 4 सितंबर से चल रही थी समाप्त हो गई, लेकिन मंडी में नीलामी अब भी नहीं होगी।

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व्यापारी महासंघ के आव्हान पर विभिन्न मांगों के लिए मंडी में नीलामी बंद कर की जा रही हड़ताल सरकार की ओर से मांगे मानने के बाद हड़़ताल समाप्त कर दी है, लेकिन मंडी में नीलामी अब भी शुरू नहीं होगी। दी ग्रेन मर्चेट एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेंद्र चत्तर ने बताया कि व्यापारी महासंघ के आव्हान पर जो हड़ताल 4 सितंबर से चल रही थी, वह मुख्यमंत्री की ओर से मांगे मानने के बाद 20 सितंबर की रात समाप्त कर दी गई है।

व्यापारियों ने हर्ष
चत्तर ने बताया कि मांगों प्रमुख रूप से डेढ़ प्रतिशत की जगह एक प्रतिशत मंडी टैक्स कर दिया है। लिज रेंट मंडी अधिनियम 2005 के अन्तर्गत ही होगा। लाइसेंस फीस भी अब आजीवन कर दी गई है। सभी व्यापारियों ने हर्ष व्यक्त किया है।

किसान भी परेशान
नोगांवा के किसान नारायण पाटीदार ने बताया कि मंडी बंद होने से किसानों अपनी उपज नीलाम नहीं करवा पा रहा है। वर्तमान समय रबी की तैयारी, खरीफ कटाई का है। इसलिए मंडी शुरू करना चाहिए, ताकि किसानों को राहत मिले। क्योंकि उपज बेचने के बाद ही किसान मजदूरी, मशीनरी आदि के रुपए दे पाएगा।

मंडी अधिकारी-कर्मचारी हड़ताल पर
कृषि उपज मंडी में अनाज व्यापारियों के बाद अब मंडी कर्मचारी-अधिकारी भी अपनी मांगों को लेकर पिछले तीन दिन से हड़ताल पर है। मंडी में व्यापार-व्यवसाय ठप्प पड़ा है तो किसानों से लेकर हम्माल-तुलावटी, मजदूर सब परेशान होने लगे हैं। मंडी व्यापार की बात करें तो प्रतिदिन करीब साढ़े 7 करोड़ का कारोबार प्रभावित हो रहा है, इस मान से मंडी प्रशासन को भी हर दिन करीब पांच लाख रुपए टैक्स नुकसान हो रहा है।