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रतलाम की हां पर बढ़ेगी निगम की रैंक

शहरवासियों के सही जवाब पर नगर निगम को मिलेंगे १२ अंक

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swachh bharat abhiyan

रतलाम। देश में स्वच्छता सर्वेक्षण २०१८ की शुरूआत हो गई है। पहले दौर मेंं करीब १०१६ शहरों में केन्द्रीय स्वच्छता मिशन से जुड़े क्वालिटी कंट्रोल ऑफ इंडिया की टीमों ने दस्तक दे दी है। रतलाम में ७ जनवरी की तारीख प्रस्तावित की गई है और इसे लेकर शहर चौतरफा तैयार हो रहा है। नगर निगम ने गुरुवार से शहर में नवाचार करते हुए कचरा फेंकने वाले स्थलों पर रंगोली बनवा दी है। वहीं, करीब २२ सौ डस्टबिन भी लगाए गए है। इस मर्तबा सर्वेक्षण का अहम हिस्सा जनता से मिलने वाला १४०० अंक का फीडबैक है। इसके लिए केन्द्रीय टीम नागरिकों से सवाल करेंगी और हर हां के जवाब पर १२ अंक मिलेंगे। यही जवाब नकारात्मक रहा तो इतने ही अंकों का नुकसान भी होगा।

स्वच्छ भारत मिशन के लिए बने देश के ५ क्लस्टरों में से २ में गुरुवार को स्वच्छता सर्वेक्षण २०१८ शुरू हो गया है। इसमें प्रदेश के १२४ निकाय आ रहे है। तीन चरणों वाले सर्वेक्षण में रतलाम को क्लस्टर क्रमांक ३ में रखा गया है। जहां ७ से १० जनवरी के बीच सर्वेक्षण किया जाएगा। मार्च तक चलने वाले सर्वेक्षण की रिपोर्ट अप्रैल में जारी होने की संभावना है। सर्वेक्षण की तैयारी को लेकर गुरुवार को नगर निगम ने शहर में दो नवाचार शुरू किए है। गंदगी एवं कचरा फेंके जाने वाले स्थलों पर जागरूकता के लिए रंगोली बनाने की शुरूआत की गई है। इसके लिए पहले दिन निगम दल ने १२ स्थानों का चुनाव किया है। गुरुवार तक शहर में २२ सौ डस्टबिन का वितरण कर बाजार के ४३ और रहवासी जोन के २९ स्थानों पर अस्थाई डस्टबिन लगा दिए गए हैं। सर्वेक्षण की शुरूआत तक शहर में करीब १० हजार डस्टबिन घरों व प्रमुख इलाकों तक पहुंचाने का लक्ष्य है।

शहर के नागरिकों के जवाब तय करेंगे रैंकिंग
०४ हजार अंकों का सर्वेक्षण
- स्वच्छ भारत मिशन की गाइड लाइन में इस मर्तबा एक लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों में स्वच्छता सर्वेक्षण ४ हजार अंकों का हो रहा है। इसको तीन भागों में बांटा गया है। टॉप-१०० शहरों में आने के लिए करीब ३२०० अंकों तक पहुंचना आवश्यक होगा।
१४ सौ अंकों पर शहरी रैकिंग
सर्वेक्षण का अहम हिस्सा १४०० अंकों का है। यह जनता के फीडबैक के लिए रखा गया है। सर्वेक्षण दल सीधे शहर के लोगों से ४० बिन्दुओं के आधार पर तैयार प्रपत्र के अनुरूप सवाल करेगा। करीब १२० प्रश्न शहर की जनता से पूछे जाएंगे और अंक देंगे।
१२ अंक का हर फीडबैक सवाल
सर्वेक्षण की गाइड लाइन के अनुसार केन्द्रीय दल सवाल के लिए १२ अंक का निर्धारण करेगा। इसका सकारात्मक जवाब मिलने पर निगम के खाते में यह अंक जाएंगे। जबकि नकारात्मक या तथ्यात्मक अंतर का जवाब मिला तो यह अंक कट जाएंगे।
२४ स्थानों पर रहेगा ध्यान
- स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए बाजार, आवाजाही वाले स्थल, रहवासी इलाका, सार्वजनिक शौचालय, खुले में शौचमुक्त क्षेत्र, शिक्षण संस्थाओं सहित शासकीय कार्यालयों और होटल, रेस्टारेंट एवं वाहनों की आवाजाही वाले स्थलों पर सीधे फीडबैक लिया जाएगा।

निगम के सकारात्मक पक्ष
शहर में कचरा संग्रहण के लिए ५५ वाहन एवं जीपीएस लोकेशन प्रणाली।
कचरा निष्पादन के लिए ट्रेचिंग ग्राउंड, १० हजार डस्टबिन और ४५ पाईंट।
खुले में शौचमुक्त दर्जा, डाक्यूमेंट के लिए प्री-सर्वे में संभाग में ८वां स्थान।
मोबाइल एप पर फिलहाल प्रदेश में ७वीं रैंक, संभाग में ९५ फीसदी निराकरण।
निगम के नकारात्मक पक्ष
कचरे से खाद बनाने की प्रक्रिया फिलहाल कागज पर ही मजबूत।
शिकायतों के निराकरण की दर में अभी भी कमी, एप कम डाउनलोड।
दो मर्तबा सफाई के बावजूद रहवासी इलाकों में सड़कों पर कचरा।
नालों का पक्कीकरण नहीं होने से कई वार्डो में कचरे का फैलाव है।

सोशल मीडिया पर स्वच्छता की बहस
विपक्ष का निशाना
नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष यास्मीन शैरानी ने गुरुवार को शहर के नालों व खुले में शौच के कुछ फोटो सोशल मीडिया पर डालकर निगम के नंबर वन बनने के दावे पर सवाल उठाए। साथ ही सर्वेक्षण की तैयारी मैदानी स्तर पर किए जाने की मांग कर दी।
सत्तापक्ष का जवाब
वार्ड क्रमांक ७ के पार्षद प्रहलाद पटेल ने सर्वेक्षण की तैयारी का बचाव किया। पटेल ने अपने वार्ड में गंदे पानी की निकासी का कार्य एक सूचना पर पूर्ण होने पर सोशल मीडिया पर फोटो शेयर किया और नगर निगम के अमले को इसके लिए धन्यवाद दिया।

नगर निगम ने शहर में जागरूकता के लिए प्रमुख स्थलों का चयन कर रंगोली बनवाना शुरू कराया है। यह निरंतर जारी रहेगा, दो चैंबर वाले डस्टबिन लगाए जा रहे है। सर्वेक्षण की गाइड लाइन अनुसार हम प्रयास कर रहे हैं कि कहीं नकारात्मक मार्किंग न हो पाए।
- एसके सिंह, आयुक्त नगर निगम रतलाम
उज्जैन संभाग के निकायों में स्वच्छता सर्वेक्षण से पूर्व हर मापदंड की मॉनिटरिंग की जा रही है। निकायों को हर दिन जानकारी से अपडेट करने के लिए कहा गया है। प्रारूप में इस बार जनता से फीडबैक के ज्यादा अंक है और इसका प्रभाव सबसे ज्यादा होगा।
- सोमनाथ झारिया, संयुक्त संचालक नगरीय निकाय उज्जैन संभाग