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रतलाम

देखें वीडियो: महामंडलेश्वर ने बताया कथा सुनने का महत्व

रतलाम। कथा के पहले दिन महामंडलेश्वर स्वामी चिदम्बरानंद सरस्वती महाराज ने पांडाल में उपस्थित श्रद्धालुओं को बताया कि कथा क्यो सुनना चाहिए और कथा का महत्व क्या है। महाराज के मुखारविंद से कथा सुनने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालुजन उपस्थित रहे। चेतन्य काश्यप फाउंडेशन एवं श्री हरिहर सेवा समिति के तत्वावधान में श्रीमद् भागवत कथा ज्ञानयज्ञ का बरबड़ स्थित विधायक सभागृह में शुभारंभ हुआ।

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महाराज ने कहा कि जीवन की आपाधापी में जब हम भागदौड़ करते हुए थोड़ा सा भी समय निकालकर परमात्मा से जुडऩे का काम करते है, तो इससे बड़ा कोई सौभाग्य जीवन में हो नहीं सकता। लोगों के मन में आता है कथाएं क्यों सुननी चाहिए, इसकी आवश्यकता क्या है, मैं आपसे कहता हूं कि आपने इस बात को अनेक बार सुना होगा की जीवन में कथा व्यथा को दूर करने का काम करती है। ये बात सच है लेकिन मैं इससे हटकर थोड़ी सी बात और कहता हूं कि ये कि कथाएं वास्तिवक रूप से व्यवहारिक जीवन को आध्यात्मिक एवं सामाजिक जीवन को पूर्ण बनाने का काम करती है। कथा हर दृष्टि से आपको मार्गदर्शन देने का काम करती है।

हमारी दृष्टि में धर्म होना चाहिए
महाराज ने कहा कि धर्म की संस्कृति पूरे देश को जोड़े हुए है, ये आध्यात्म की संस्कृति है, जिसने हमको जोडऩा सिखाया। विधायक चेतन्य काश्यप श्रीमद् भागवत कथा के नाम से समाज को जोडऩे का काम कर रहे है। हमारी दृष्टि में धर्म होना चाहिए, समाज होना चाहिए, हमारी दृष्टि में मानवता होना चाहिए। हमे हमारी संस्कृति और भगवान की जानकारी होना बहुत आवश्यक है। बच्चों को धर्म की जानकारी तब होगी, जब आपको होगी। कथा के माध्यम से ही व्यक्ति धर्म से जुड़ता है। रतलाम की दृष्टि से आज शोभा यात्रा ऐतिहासिक रही है। इतनी गर्मी में इतनी संख्या में महिलाएं शामिल हुई है। प्रथम दिन कथा समाप्ति के पश्चात् महाआरती की गई।

भागवत कथा का सार जीवन का आनंद देती
कथा के दौरान मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित प्रभारी मंत्री ओ.पी.एस. भदौरिया ने कहा कि मैं महाराज की जन्मभूमि के क्षेत्र से आता हूं। इतने महान संत के दर्शन मुझे काश्यप के माध्यम से हुए। मैंने आज सुबह पड़ा बिना धर्म की राजनीति अंधी है। प्रधानमंत्री मोदी कल दंड चक्र के सामने साक्षात दंडवत हुए और साधु-संत उन्हे आशीर्वाद देते है, जो इस बात को साबित करता है कि फिर से हमारे सनातन धर्म की सब जगह स्थापना हो रही है। क्रीड़ा भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री प्रसाद महानकर ने कहा कि हम सभी सौभाग्यशाली है, जिनके लिए स्वामी जी यहां आए है। भागवत कथा का सार जीवन का आनंद देती है। जीवन में सार्थकता चाहिए, इसके बिना जीवन परिपूर्ण नहीं होता। भागवत कथा से परमार्थ भी प्राप्त होता है। आनंद, सफलता और सार्थकता हमारे जीवन में इसी देह में प्राप्त हो इसके लिए हमको सौभाग्य मिलता है कि ऐसे महामुनियों से भागवत कथा सुनना।

मैं रतलाम की धर्म भावना को नमन करता हूं
विधायक चेतन्य काश्यप ने कहा कि रतलाम धर्म नगरी है, यहां पर सभी का सामंजस्य है। कल संसद भवन के लोकार्पण के माध्यम से धर्म का राज्य और धर्म की नीति प्रारंभ हुई है। संपूर्ण समग्र विकास की परिकल्पना को लेकर हम आगे बढ़ रहे है। कार्यकर्ताओं की मेहनत से कलश यात्रा सफल हुई है, मैं रतलाम की धर्म भावना को नमन करता हूं।

ये रहे उपस्थित
कथा के दौरान मुख्य अतिथि प्रभारी मंत्री भदोरिया एवं विशेष अतिथि महानकर सहित भाजपा जिलाध्यक्ष राजेन्द्रसिंह लुनेरा, महापौर प्रहलाद पटेल, ग्रामीण विधायक दिलीप मकवाना, निगम अध्यक्ष मनीषा शर्मा, श्री हरिहर सेवा समिति अध्यक्ष मोहनलाल भट्ट, श्री गोपाल जी का बड़ा मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष मनोहर पोरवाल, सनातन धर्मसभा अध्यक्ष कन्हैयालाल मौर्य, समाजसेवी गोविंद काकानी, ताराबेन सोनी, राखी व्यास, पार्षद निशा सोमानी, देवश्री पुरोहित, अनिता वसावा, अनिता कटारा, मंचासीन रहे। कार्यक्रम का संचालन विकास शैवाल ने किया।