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रतलाम में टीबी का प्रकोप, आंकड़ों से घबराया जिला अस्पताल प्रबंधन

टीबी के बढ़ते मरीजों पर अस्पताल प्रबंधन घबराया

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रतलाम। क्षय रोग के बढ़ते मामलों को लेकर अब अस्पताल प्रबंधन भी घबरा गया है। उसके माने तो जिले की स्थिति चिंताजनक है। मरीजों के इलाज बीच में छोड़ देने के कारण उनका इलाज कठिन हो जाता है।
केंद्र सरकार ने वर्ष 2025 तक क्षय नियंत्रण कार्यक्रम के तहत देश को टीबी मुक्त करने का लक्ष्य रखा है। विश्व क्षय दिवस पर शुक्रवार को शासकीय जवाहर विद्यालय बिरियाखेड़ी में जनजागरुकता के लिए रैली का आयोजन किया गया था। इसे लेकर विद्यालय में प्रश्नोत्तरी क्विज स्पर्धा का भी आयोजन किया गया। स्पर्धा में प्रथम स्थान पायल खराड़ी दूसरा स्थान फ ीजा जाहिद खान, तीसरा स्थान चिराग राजावत ने प्राप्त किया। विद्यालय की प्राचार्य सविता साल्वी, आशीष चौरसिया, सरला कुरील, शीला चौहान आदि उपस्थित रहे। नोडल अधिकारी डॉ. अभय ओहरी ने बताया कि टीबी रोग की जांच की सीबीनेट अत्याधुनिक सुविधा जिला चिकित्सालय के साथ-साथ जावरा अस्पताल में भी शुरू कर दी गई है।

निमोनिया से बचाव के लिए मुफ्त लगेगा टीका
रतलाम। बच्चे के जन्म यानी शून्य से पांच वर्ष तक की उम्र में निमोनिया से होने वाली मौत के आंकड़ों को कम करने के लिए अब सरकारी अस्पतालों में इसका टीका नि:शुल्क लगेगा। सरकार उक्त बीमारी से बचाव के लिए नए वेक्सीन को 7 अप्रैल विश्व स्वास्थ्य दिवस पर रतलाम जिले में लांच कर रही है। शासकीय चिकित्सालयों में यह टीका पूरी तरह से नि:शुल्क रहेगा।
उक्त टीके के संबंध में जानकारी देने के लिए शहर की सैलाना रोड स्थित होटल बालाजी सेंट्रल में नया वेक्सीन न्यूमोकोकल वेक्सीन को लांच किए जाने के संबंध में चिकित्सकों की कार्यशाला आयोजित हुई। इसमें सीएमएचओ डॉ. प्रभाकर ननावरे ने बताया कि नया वेक्सीन न्यूमोकोकल बच्चों में होने वाले निमोनिया से बचाव के लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रदान करेगा। वर्तमान में शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों में होने वाली मृत्यु में निमोनिया संबंधी कारणों की भूमिका लगभग 16 प्रतिशत है। जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. वर्षा कुरील ने बताया इस वेक्सीन का डोज प्रथम डोज बच्चे को 6 सप्ताह में, दूसरा 14 सप्ताह में जबकि बुष्टर डोज बच्चे के 9 माह की आयु में लगाया जाएगा।