रतलाम. प्लेटफार्म पर ट्रेन आकर रुकी और तय समय पर वापस रवाना हो गई। इस दौरान ट्रेन से नहीं उतरने पर महिला उस समय हड़बड़ाहट में उतरने लगी जब ट्रेन चल दी। ट्रेन ने गति पकड़़ी तो महिला का पैर फिसला और वह दरवाजे के हैंडल पकडक़र लटक गई तो घसीटती हुई चल ट्रेन और प्लेटफार्म के बीच फंसने लगी। इस दौरान प्लेटफार्म पर ही आरपीएफ के एएसआई नारायणलाल ने देखा तो वे दौडक़र पहुंचे और महिला को खींचकर निकाल लिया और उसकी जान बचा ली।
पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के दाहोद स्टेशन पर 10 फरवरी की सुबह लगभग 05.40 बजे ट्रेन न.19339 दाहोद-भोपाल इंटरसिटी अपने निर्धारित समय पर दाहोद स्टेशन से रवाना हुई। इसी दौरान एक महिला अपने सामान के साथ चलती गाडी से हड़बड़ाहट में उतरने लगी और चलती हुई गाडी से गिरकर घसीटते हुए ट्रेन और प्लेटफार्म के बीच आ गई। रात्रि ड्यूटी में तैनात सहायक उप निरीक्षक नारायण लाल परमार और कांस्टेबल मदनसिंह वास्कले ने यह देख भागते हुए महिला को सुरक्षित बचा लिया। ऐसा कर दोनों ने ऑपरेशन जीवन रक्षा के तहत मानव जीवन बचाकर सराहनीय कार्य किया है। इसके बाद एएसआई परमार ने तुरंत 108 को कॉल किया और घायल महिला से पूछताछ की।
दाहोद की ही थी महिला
महिला ने अपना नाम 50 वर्षीय मैसा पति पारसिंह निनामा निवासी टांडी फलिया, खरोदा जिला दाहोद (गुजरात) की होना बताया। पूछने पर बताया कि वह अपनी बेटी के पास वडोदरा जा रही थी, लेकिन वह गलती से दूसरी गाड़ी में बैठ गईं और हड़बड़ाहट में लापरवाही से चलती गाड़ी से उतरते समय गिर गई। कुछ समय बाद 108 एम्बुलेंस आई और घायल महिला को चिकित्सा के लिए सरकारी हॉस्पिटल जायडस दाहोद ले जाया गया। महिला का बायां पैर जांघ से फ्रेक्चर होना पाया गया। महिला के परिवार को फोन से सूचित किया। इसके बाद उनके परिवार के लोग हॉस्पिटल पहुंच गए।