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समूह से जुड़ने पर आदिवासी महिला सविता के घर में खुशहाली आई

रतलाम. रतलाम जिले के बाजना विकासखंड के ग्राम महुडी का माल की रहने वाली आदिवासी महिला सविता के घर में अब खुशहाली आ गई है। पहले घर में आर्थिक विपन्नता से सभी परेशान थे लेकिन सविता जब से गंगा आजीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़ी है, घर का आर्थिक उत्थान होने लगा है घर में खुशहाली आ रही है।

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tribal woman

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सविता बताती है कि घर की आर्थिक स्थिति बहुत ही दयनीय थी। कृषि भी सिंचीत न होने के कारण परिवार को चलाना बहुत मुश्किल था। परिवार का भरण- पोषण करना अनिवार्य था। गॉव में कभी मजदूरी मिलती थी और कभी नही मिलती थी। इस कारण अपनी जीविका चलाने के लिए गॉव से बाहर भी मजदूरी करने के लिए जाना पडता था। परिवार में 4 सदस्य हैं, जिनमे मैं और मेरे पति तथा दो बच्चे है, ऐसे में घर खर्च चलाना बहुत ही मुश्किल हो गया था। इसी दौरान आजीविका मिशन के माध्यम से गॉव में समूह बनाये जा रहे थे। सविता भी गंगा आजीविका स्वयं सहायता समूह से जुडी और समूह की बैठक मे नियमित जाने लगी, जिसमे मुझे समूह की गतिविधियो के बारे मे जानकारी मिली।

समूह से जुडने के पश्चात ग्राम संगठन का गठन हुआ। ग्राम संगठन के माध्यम से सविता तथा उसके समूह को 75 हजार रूपए सामुदायिक निवेश राशि प्राप्त हुई। समूह के सभी सदस्यों की सहमति से सविता को 35 हजार रू. ऋण प्राप्त हुआ। उस राशि से सविता ने ऑटा चक्की, किराना की दुकान शुरू की जिससे धीरे-धीरे व्यवसाय प्रारम्भ होने लगा। सविता प्रतिदिन 400 से 450 रू तक की आमदनी प्रारम्भ होना शुरू हो गई, आय में वृद्वि होने से परिवार की दयनीय स्थिति में सुधार हुआ और आर्थिक रूप से जो पैसे की तंगी थी, उसमे भी सुधार हुआ। वर्तमान में इस व्यसाय से मासिक आय 12 हजार से 13 हजार 500 रू. तक हो जाती है।

IMAGE CREDIT: patrika

इस प्रकार समूह से जुडने के बाद ग्राम संगठन के माध्यम से सामुदायिक निवेश राशि का लाभ लेकर एक जीवन जीने की राह मिली, जिससे परिवार का भरण-पौषण इस व्यवसाय के माध्यम से अच्छा होने लगा। ग्राम संगठन के माध्यम से सामुदयिक निवेश राशि लोन लिया था वह समय अनुसार माह में मूलधन और ब्याज सहित किस्त जमा कर रही है एवं समूह से जुडकर सविता के जीवन में आशारूपी किरण से अभूतपूर्व बदलाव आया। सविता मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान को धन्यवाद देती है।