
रतलाम। मंडल में परिचालन विभाग यात्रियों की जिंदगी से किस तरह खिलवाड़ कर रहा है, ये इसका उदाहरण है। मोरवानी-रावटी के बीच पटरी पर फ्रेक्चर आया, लेकिन टूटी पटरी से २० किमी प्रतिघंटे का कॉशन आर्डर देकर ट्रेन को चला दिया। नियम कहता है कि जब पटरी टूटी होया रखरखाव हो तो ट्रेन नहीं चला सकते, लेकिन मंडल के परिचालन विभाग के पंचुलिटी विभाग ने समय पर ट्रेन को चलाने के लिए इस कायदे को भी तोड़ दिया।
मंडल में मोरवानी-रावटी के बीच ६४६-२५ किमी के क्षेत्र में सुबह करीब ८ बजे पटरी टूटी पााए जाने पर ट्रैकमेन ने इसकी सूचना मोरवानी स्टेशन पद पदस्थ रेलपथ निरीक्षक को दी। रेलपथ निरीक्षक ने इसकी तुरंत सूचना रेलवे नियंत्रण कक्ष में परिचालन विभाग को देकर ट्रेनों को रोकने को कहा। बताया जाता है कि इस समय निजामुद्ीन-एर्नाकुलम दुरंतो व स्वराज एक्सपे्रस सहित दाहोद-रतलाम-उज्जैन, उज्जैन-रतलाम-दाहोद ट्रेन को निकलना था। एक के बाद एक ट्रेन होने की दशा में बजाए ट्रेनों को रखरखाव के लिए रोकने के पंचुलीटी शाखा ने टूटी पटरी से ट्रेनों को निकलने दिया।
दो घंटे तक चला रखरखाव
हालाकि पटरी पर टूट थोड़ी थी, लेकिन इसको ठीक करने में सुबह ८ बजे से १० बजे तक का समय लगा। क्योकि पंचुलीटी विभाग को ट्रेनें समय पर चलाना थी। एेसे में ताबड़तोड़ २० किमी का कॉशन आर्डर जारी कर दिया गया, जबकि रेलवे का यातायात विभाग का नियम कहता है कि पटरी टूटी हो तो किसी भी स्थिति में ट्रेन को तब तक नहीं चलाया जाए जब तक पटरी ठीक न हो जाए। इसके बाद भी टूटीपटरी जब ठीक होती है तो पहले उसके उपर से इंजन को चलाया जाता है। इसके बाद यात्री ट्रेन को निकलने की अनुमती मिलती है। इसके बाद भी इस नियम का पालन नहीं किया गया।
पहली बार हुआ एेसा
मंडल के पूर्व कर्मचारियों के अनुसार एेसा पहली बार हुआ है कि टूटी पटरी से ट्रेन को निकाला गया हो। मामले में जब वरिष्ठ अधिकारियों से इस बारे में बात की तो वे ये तो मानते है कि ये गलत हुआ है, लेकिन पंचुलीटी विभाग में बैठे कर्मचारियेां की लापरवाही के बारे में चुप हो जाते है।
ये गंभीर लापरवाही है
टूटी पटरी से ट्रेन को निकालना गंभीर लापरवाही है। पंचुलीटी के लिए यात्रियों की जान से खिलवाड़ गंभीर अपराध है। इस मामले में तो तुरंत संज्ञान लेकर सख्त कार्रवाई एेसे लोगो पर होना चाहिए।
- गोविंदलाल शर्मा, पूर्व महामंत्री वेस्टर्न रेलवे एम्प्लाईज यूनियन
रखरखाव किया है
पटरी पर फेक्चर था। समय पर सूचना मिली व उसको ठीक किया गया। इसके लिए २० किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन को चलाने की अनुमती दी गई।
- जेके जयंत, जनसंपर्क अधिकारी, रतलाम रेल मंडल

Published on:
28 Nov 2017 08:43 am
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