
Burfanpur: Give electricity bill of 10 thousand to the servant, collectorate disease
रतलाम. तापमान में पिछले एक सप्ताह में लगभग 5 डिग्री सेल्सियस की कमी आई है। अभी न्यूनतम तापमान 7/8 डिग्री के करीब है, लगभग सभी लोग गर्म पानी के नहाने एवं अन्य कार्यों में उपयोग कर रहे हैं। रतलाम, उज्जैन, देवास, मंदसौर, नीमच , जावरा जैसे शहरों में पचास फीसदी घरों में बिजली के गीजर का उपयोग होता है। प्रायः एक मध्यमवर्गीय परिवार का गीजर एक यूनिट तक बिजली ले लेता है। इस तरह रोज गर्मी पानी की लागत आठ रूपए आ रही है।
मालवा के इन शहर में पौने चार लाख से ज्यादा घर है। ज्यादातर लोग बिजली के गीजर का बाथरूम में फिटिंग कराते है, ताकि नल खोलते ही उन्हें गर्म पानी मिले। पानी गर्म करने वाला गीजर बिजली के अधिकतम उपयोग करने वाले उपकरणों में से एक है। बाजार में 500 वाट से लेकर 5000 वाट यानि 5 किलो वाट तक गीजर उपलब्ध है। गीजर में बिजली का उपयोग प्रायः उसकी साइज, गर्म पानी की जरूरत के हिसाब से होता है। औसत एक यूनिट प्रति घर गीजर का खर्च होता है।
बिजली का उपयोग
यदि दो लाख घरों में भी बिजली वाले गीजर का उपयोग होता है, तो सवा दो लाख यूनिट बिजली दैनिक गर्म पानी के लिए ही लगेगी। यह बिजली लगभग 12लाख रूपए दैनिक एवं करीब साढ़े तीन करोड़ मासिक कीमत की रहेगी। इस तरह ठंड में गर्म पानी करने के लिए करोड़ों की बिजली का उपयोग भी होगा। इसके अतिरिक्त कई परिवार शाम को रूम हीटर का भी उपयोग करते है, वह खर्च भी गीजर के अलावा होगा। बड़ी बात तो यह हैं कि तापमान गिरने के बावजूद अभी भी काफी परिवार सोते समय पंखों का उपयोग मच्छर भगाने की मंशा से कर रहे है। इस तरह पंखे पर भी बिजली का सतत खर्च पूर्व की तरह हो ही रहा है।
सोलर सिस्टम तुलनात्मक कम
पानी गर्म करने के लिए सोलर हीटर भी लगाए जाते है। लेकिन इनकी संख्या तुलनात्मक रूप से कम है। सोलर वाटर हीटर की संख्या इन शहर में 15 हजार भी नहीं है। सोलर यूनिट लगाने का व्यय लगभग एक लाख आता है। इससे काफी लोग अभी इसे नहीं लगा रहे है। गर्म पानी की लागत आती ही है, चाहे वह लकड़ी या कोयला जलाकर आए या फिर गैस, बिजली के गीजर के माध्यम से। होटल पर शीतकाल में गर्म पानी की एक बाल्टी 20 रूपए तक चार्ज की जाती है। इसी से गर्म पानी के सेवा के व्यय का अंदाजा लगाया जा सकता है।
उपय़ोग भी बहुतायत होता
इंदौर के साथ ही रतलाम, उज्जैन आदि शहर में बिजली की खपत ज्यादा है। इसका कारण यहां के लोगों का उच्च स्तरीय रहन सहन एवं अधिकाधिक सुविधाओं का उपयोग है। गर्मी में कूलर, एयरकंडीशनर का तो शीतकाल में गीजर का उपय़ोग भी बहुतायत होता है।
अमित तोमर, एमडी मप्रपक्षेविविकं इंदौर
Published on:
23 Dec 2021 02:26 pm
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