
रतलाम. हर तरफ भारत माता के जयकारे लग रहे थे। हर कोई शहीद कन्हैयालाल जाट की देशभक्ति और उनके बलिदान को याद कर रहा था। 2021 में वीर गति को प्राप्त हुए गुणावद के लाल कन्हैयालाल जाट की वीरांगना पत्नी सपना जाट को पूरे सम्मान के साथ लाया गया। भाइयों ने उन्हें रक्षाबंधन पर ऐसा तोहफा दिया जो जीवनभर याद रहेगा। भाइयों ने वीरांगना के अपने पति की प्रतिमा के लोकार्पण के लिए जाने के लिए अपने हाथों को जमीन पर रखकर उस पर उन्हें चलाते हुए प्रतिमा तक पहुंचाया। यह दृश्य देखकर वहां खड़े हर शख्त को शहीद की शहादत और रक्षाबंधन का इस तरह उनकी पत्नी को तोहफा देना अभिभूत कर रहा था। आज पूरे गांव में शहीद कन्हैयालाल जाट को जो सम्मान मिला उससे ग्रामीण भी अपने आपको खुशनसीब मानने लगे।
गांव में निकली तिरंगा यात्रा
रक्षाबंधन पर जिले के शहीद सपूत कन्हैयालाल जाट के राष्ट्र शक्ति स्थल का लोकार्पण शहीद के पैतृक गांव में धूमधाम हुआ। शहीद समरसता मिशन ने पूरे गांव में शहीद के चित्र के साथ, वीरांगना और वीर माता-पिता का सम्मान करते हुए तिरंगा यात्रा निकाली। शहादत के सम्मान के इस दृश्य को जिसने देखा वो देखता ही रह गया।
31 जुलाई को किया था वादा
राष्ट्र रक्षार्थ गुणावद के लाल शहीद कन्हैयालाल ने 21 मई 2021 में सिक्किम में अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था। शहीद समरसता मिशन के संस्थापक व राष्ट्रीय संयोजक मोहन नारायण ने शहीद की पत्नी बहन वीरांगना सपना जाट और वीर माता-पिता से पिछले 31 जुलाई को महान क्रांतिकारी अमर शहीद सरदार उधम सिंह जी के बलिदान दिवस पर वादा किया था कि रक्षाबंधन पर तय समय में राष्ट्र शक्ति स्थल स्वरूप शहीद स्मारक बनाकर समर्पित करेंगे। महज 1 माह के भीतर शहीद समरसता मिशन ने पूरा किया।