रतलाम. चिकित्सा शिक्षा विभाग के डॉक्टरों की लंबे समय से चली आ रही मांगों को सरकार ने कैबिनेट की बैठक में मंजूरी दे दी है। इसकी सूचना जैसे ही रतलाम मेडिकल कॉलेज में पहुंची तो यहां के डॉक्टरों में उत्साह की लहर छा गई। सभी ने एक-दूसरे के गले लगकर, हार पहनाकर और गुलाल उड़ाकर खुशी जताई। मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. जितेंद्र गुप्ता भी खुशी से झूम उठे। ढोल वाले से ढोल लिया और खुद ही खुशी के मारे बजाने लगे। उनके ढोल बजाने पर वहां मौजूद डॉक्टर भी डांस करने लगे।
उड़ाया गुलाल, नाचे डॉक्टर
सरकार की तरफ से चिकित्सा शिक्षकों की मांगे मान लिए जाने की जानकारी मिलने के बाद सारे डॉक्टर डीन के पास पहुंचे खुशी जताई। एमटीए अध्यक्ष डॉ. प्रवीणसिंह बघेल ने बताया खुशी में सारे डॉक्टरों ने ढोल मंगाकर गुलाल उड़ाया और सभी ने खुशी में परिसर में ही जमकर डांस कर खुशी जताई।
यह मांगे थी इनकी
चिकित्सा शिक्षा विभाग से जुड़े चिकित्सकों और स्वास्थ्य विभाग से जुड़े चिकित्सकों की नौकरी अब डीएससीपी के माध्यम से होगी संचालित करने की मांग थी। साथ ही डॉक्टरों के शैक्षणिक संवर्ग के स्पेशलिस्ट डॉक्टरों के ग्रेड के लिए तीन, सात और 14 वर्ष की अवधि तय नहीं होने से ये लोग मायूस थे।
सरकार ने इन मांगों को मान लिया है। चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने भोपाल में इसकी घोषणा की तो प्रदेशभर के एमटीए में में जश्न का माहौल बन गया। चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रदर्शक और ट्यूटर जो एमबीबीएस चिकित्सक है उनकी सेवा अवधि को 5 वर्ष, 10 वर्ष, 15 वर्ष और 30 वर्ष किया गया है।
चिकित्सकों का सम्मान लौटाया
चिकित्सा शिक्षक लंबे समय से अपनी मांगें सरकार, मंत्री और मुख्यमंत्री के सामने रखते आए हैं लेकिन सुनवाई नहीं हो रही थी। कैबिनेट की बैठक में इन्हें मान लिया गया है। यह चिकित्सकों का सम्मान लौटाने जैसा है। समय-समय पर चिकित्सा शिक्षकों को ग्रेडपे, पदोन्नति आदि का रास्ता साफ हो गया है।
डॉ. प्रवीणसिंह बघेल, अध्यक्ष एमटीए, रतलाम