
railway election 2019 news
रतलाम। फरवरी 2019 में रेलवे में संगठन की मान्यता को लेकर चुनाव प्रस्तावित है। चुनाव पूर्व की तरह बैलेट से होना चाहिए, न की ईवीएम से। ईवीएम में गड़बड़ होती है। ये बात एनएफआईआर के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जेजी माहुरकर ने मीडिया से बात करते हुए कही। वे रतलाम में पश्चिम रेलवे के मजदूर संघ द्वारा युवाओं के लिए रेलवे में सेफ्टी विषय पर होने वाले सेमीनार के लिए आए हुए है।
माहुरकर ने कहा कि 1958 में जब वे रेलवे में आए थे, तब 18 लाख रेल कर्मचारी थे, आज 13.20 लाख रेल कर्मचारी ही है। जबकि 1.40 लाख सेफ्टी से जुड़े पद रिक्त है। इनको भरने के लिए अब तक प्रयास ही नहीं हुए। एेसे में वर्तमान सरकार से अब उम्मीद समाप्त हो गई है। बैठक में रेलवे के अधिकारी हर मांग को मंजूर करते है, लेकिन बाद में वित्त विभाग उनको रोक लेता है।
बजट मर्ज करना गलत
माहुरकर ने कहा कि रेलवे ने बजट को मर्ज करके गलत किया। पूर्व में रेल मंत्री 4-5 घंटे तक बोलते थे। अब बजट आता है तो रेलवे के बारे में सिर्फ 5 मिनट बात होती है। एेसे में ये समझ ही नहीं आता है कि रेलवे को मिला क्या है। इसलिए पूर्व की तरह रेल बजट अलग से आना चाहिए। हम इस बारे में मांग करने जा रहे है। बाबा रामदेव के इस बयान पर कि अगला पीएम कौन होगा नहीं कह सकते पर माहुरकर ने कहा कि उस बयान का समर्थन है। वास्तव में ये बात कहना आसान नहीं है। वर्तमान सरकार के बारे में टिप्पणी मांगने पर कहा कि ये अकेली सरकार है जो किसी की नहीं सुनती है।
ज्ञापन के बारे में बताया
माहुरकर ने रेलवे बोर्ड सदस्य स्टॉफ को दिए गए ज्ञापन के बारे में भी बताया। नई पेंशन योजना को बंद करने, सीनियर सेक्शन इंजीनियर सहित अन्य का ग्रेड पे बढ़ाना, इंजन चालक व गार्ड का गे्रड पे बढ़ाना को शामिल किया गया है। माहुरकर ने बताया कि 7 जनवरी को रतलाम सहित भारत के सभी रेल मंडल में विभिन्न मांग को लेकर विरोध दिवस बनाया जाएगा। शरीफ खान पठान, बीके गर्ग, गौरव दुबे, दीपक भारद्वाज, चंपालाल गिडवानी सहित कार्यकर्ता उपस्थित थे।
Published on:
28 Dec 2018 05:35 pm
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