रतलाम. पिपलोदा थाने के गांव बोरखेड़ा में बीती रात जमीनी विवाद में जावरा निवासी लक्ष्मण दास (लच्छू सेठ) पर गोली चलाने वाले इकबाल के अवैध कब्जे वाले पोल्ट्री फार्म पर बुधवार को प्रशासन का बुलडोजर चल गया। आरोपी इकबाल ने लच्छू सेठ की पत्नी के नाम की जमीन पर लम्बे समय से कब्जा कर यह पोल्ट्री फार्म बना रखा था।
वर्ष 2021 में नप्ती के बाद कब्जा सामने आया था। तब से दोनों के बीच इसी जमीन का विवाद चल रहा था। विवाद पिपलौदा तहसीलदार के न्यायालय में चला उसके बाद अपील एसडीएम कोर्ट में चल रही थी। इस पर फैसला आने से पहले ही विवाद हो गया और मामला इस हद तक पहुंच गया। प्रशासन ने आरोपी के कब्जे से करीब 15.43 लाख की जमीन मुक्त करवाकर उसके मालिक को सौंप दी।
मंगलवार की रात पिपलौदा थाने के ग्राम बोरखेड़ा में गोली चलने की वारदात सामने आई थी। सूचना पर पिपलौदा पुलिस ने घटना स्थल पर पहुंच कर विवाद शांत करवाया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। घटना की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी व पुलिस अधीक्षक ॉसिद्धार्थ बहुगुणा रात में ही घटना स्थल पहुंच गए थे।
एसपी के निर्देश पर पिपलौदा थाना प्रभारी और पुलिस बल को उचित दिशा निर्देश प्रदान कर त्वरित वैधानिक कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया था। आरोपी इकबाल उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती होने से उसकी गिरफ्तारी शेष है। कब्जा हटाने के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश खाखा, तहसीलदार नायब तहसीलदार, एसडीओपी जावरा रवींद्र बिलवाल, एसडीओपी सैलाना इडला मौर्य, पिपलौदा थाना प्रभारी आरएस बर्डे व पुलिस बल मौजूद था।
कीमती जमीन पर था कब्जा
जिस जमीन को लेकर विवाद चल रहा था उसकी कीमत करीब 15.43 लाख है। एसडीएम हिमांशु प्रजापति ने बताया कि बोरखेड़ा में जिस जमीन का विवाद था, वह जमीन लक्षमणदास की पत्नी बीना के नाम पर थी। इस जमीन पर इकबाल ने बहुत पहले पोल्ट्री फार्म बना लिया था। इसी का दोनों के बीच विवाद चल रहा था। जमीन विवाद में लक्षमणदास को बीती रात गोली मारे जाने के बाद कलेक्टर के आदेश पर इकबाल के पोल्ट्री फार्म को ध्वस्त करते हुए करीब 15.43 लाख रुपए कीमत की जमीन मुक्त करवाकर बीना मेहता को सौंप दी गई।