रतलाम. पत्रिका के जनप्रहरी अभियान और सीनियर सिटीजन जनकल्याण सेवा संस्था से जुड़े समाजसेवियों, राजनीति से जुड़े स्वच्छ छवि के लोगों, सेवानिवृत्त कर्मचारियों और सक्रिय लोगों ने होटल पलाश में रविवार को बैठक करके विचार रखे। सभी ने एकमत होकर इस बात पर जोर दिया कि लोग राजनीति को गंदा क्षेत्र कहते हैं। इसी गंदे क्षेत्र में यदि इमानदार, स्वच्छ छवि और सकारात्मक सोच वाले व्यक्ति अपनी सहभागिता बढ़ाकर जनता से जुड़ेंगे तो राजनीति की दशा और दिशा दोनों बदल जाएंगी। सभी का मत था कि जो भी जनप्रतिनिधि हो वह जनता से जुड़़ा, उनके सुख-दुख में सहभागिता करने वाला और भावनाओं को समझे। किसी भी राजनीतिक दल में ऐसे लोग हैं लेकिन कई बार वे हाशिये पर इसलिए चले जाते हैं कि पार्टी की गाइड लाइन से वे खुद को नहीं जोड़ पाते हैं।
ेये बिंदु प्रमुखता से उभरे बैठक में
– बड़े-बड़़े विचार वाले लोग शासन करते हैं तो उन्हें अच्छे लोगों को टिकट देकर जनसेवा में आगे लाना होगा।
– धरातल पर काम करने वालों की पूछ परख हो तो जनता का ज्यादा हित होगा।
– कौन ज्यादा योग्य है और कौन नहीं यह उसके कार्य से आंकलन होना चाहिए न कि उसकी आर्थिक स्थिति को देखकर।
– काबिल व्यक्ति ही समाज में बदलाव ला सकता है जबकि चापलूस केवल अपना हित साध सकता है।
– आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को राजनीतिक दल खुद ही अपने से दूर करे तो छवि में बहुत सुधार होगा।
– कई परिवार लड़कियों और महिलाओं को आगे नहीं आने देते हैं जिससे महिलाओं की राजनीति में भागीदारी कम हेै।
– जैसे खेलों में या प्रतियोगी परीक्षाओं में शार्टकट नहीं होता है। वैसे ही राजनीति मेंं भी कोई शार्टकट नहीं होता है।
– समाजसेवा करने वाले नेता को प्राथमिकता मिलना चाहिए।
– महिलाओं को खुद ही अपनी लड़ाई लडऩा होगी तभी उनकी सक्रिय सहभागिता राजनीति में दिखेंगी।
– सीनियर सिटीजन के अनुभवों का लाभ भी मिलना चाहिए।
– राजनीति में महिलाओ्ं का शोषण बंद हो तो गंदी राजनीति की छवि भी सुधरे
– अपने अधिकारों के लिए जनता को सडक़ पर उतरकर लड़ाई लडऩी पड़े तो लडऩा चाहिए।
– हर पार्टी यह तय करे कि उनकी पार्टी में योग्य लोगों को प्राथमिकता मिले।
– ऐसे लोगों को कतई टिकट नहीं मिले जो कभी राजनीति में नहीं दिखे या कभी-कभार ही दिखते हैं।
– राजनीतिक दल अपने प्रत्याशियों के लिए शैक्षणिक योग्यता का मापदंड तय करे तो शिक्षित लोग राजनीति में ज्यादा आएंगे।
– जनप्रतिनिधियों को चाहिए कि वे अपने क्षेत्र की जनता की भावनाओं और उनकी समस्याओं को सुन व समझकर कार्य करे।
– राजनीति समाजसेवा का बेहतर अवसर है लेकिन कुछ लोगों के लिए यह केवल राजनीति ही बनकर रह गई है।
ये रहे बैठक में मौजूद
पत्रिका की जनप्रहरी बैठक में शबाना खान, सेवानिवृत्त डीएसपी भूपेंद्रसिंह राठौर, सेवानिवृत्त खेल शिक्षिका ताहिरा खान, जगदीश हरारिया, जितेंद्र राव, उषा जैन, सुरेश माथुर, किशोर कसेरा, नौशिन कादरी, भारती पाटीदार, सुनीता श्रीवास्तव, नगमा शेख, सारिका दीक्षित, दिनेश परिहार, कमलेश बम, दुर्गा पांचाल, गोविंदसिंह चौहान, प्रेमलता पवार, जया बोराना, रंजना चौहान, एमएल वर्मा, माणकलाल कुरवारा, जंबूकुमार सावला, धर्मेंद्रसिंह सोलंकी, जया गोयल, राजेश व्यास, गणेश और कुसुमलता जैन मौजूद रहे।