
रतलाम. शहर की ढाई लाख से ज्यादा की आबादी को नगर निगम के जल प्रदाय विभाग ने महज एक टर्बाइन और एक मोटर के भरोसे छोड़ रखा है। पानी जांच की लैब में संसाधन खराब होने की कगार पर पहुंच गए है। यह लापरवाही सामने आई है शहर की प्यास बुझाने वाले मोरवानी फिल्टर प्लांट पर। गुरुवार को जब महापौर ने जलकार्य समिति प्रभारी के साथ धोलावाड़ व फिल्टर प्लांट का निरीक्षण किया तो हकीकत सामने आ गई। अब तत्काल सुधार कर वैकल्पिक व्यवस्था के लिए ३० नवम्बर की डेडलाइन दी है।
इंटकवेल पर महज एक ही टर्बाइन चल रहा था
शहर में जल प्रदाय के संसाधनों और समिति की अनुशंसाओं पर अनदेखी की मार से जुड़ी शिकायतों के बाद गुुरुवार को महापौर डॉ. सुनीता यार्दे एवं जलकार्य तथा सीवरेज समिति के प्रभारी प्रेम उपाध्याय ने धोलावाड़ व मोरवानी फिल्टर प्लांट का निरीक्षण किया। धोलावाड़ में इंटकवेल पर महज एक ही टर्बाइन चल रहा था, जबकि दो टर्बाइन बंद मिले। यही नहीं लाइनिंग के लिए रखे पाइप भी कबाड़ की तरह पटक दिए गए थे। फिल्टर प्लांट पर भी तीन मोटर में से महज एक ही कार्य कर रही थी, जबकि दो खराब पड़ी है। पानी की जांच की लैब पर टपकते गंदे पानी के कारण संसाधनों पर असर होने लगा है। वहीं, शहर के हिस्से का पानी जगह जगह पाइप फूटने से व्यर्थ ही बह रहा था। वहीं, कुछ स्थानों पर बहते पानी को कुछ लोगों ने अपने खेतों की ओर भी मोड़ लिया है। महापौर ने ३० नवम्बर तक सुधार करने के निर्देश दिए है।
धोलावाड़ पर ३० मिनट का निरीक्षण: आधा दर्जन अव्यवस्थाएं सामने आई
महापौर ने नए इंटकवेल के निरीक्षण के दौरान पुराने पाइप कबाड़ की तरह रखे देखे तो अमले को तलब कर इनको हटाकर उचित स्थान रखने के लिए कहा। इससे पुल वजन से क्षतिग्रस्त होने की संभावना थी। नए इंटकवेल के आसपास गाद दिखने पर नियमित साफ-सफाई कराने के निर्देश भी दिए। ३ टरबाईन में से २ टर्बाइन खराब होने से उन्हें तत्काल दुरस्त कराने के लिए कहा। महापौर ने कहा कि आपातकालीन स्थिति उत्पन्न ना हो इसलिए इस पर तत्काल ध्यान दिया जाए। वहीं, कर्मचारियों के लिए बन रहे अधूरे कमरे का निर्माण पूर्ण कराने के निर्देश दिए। पुराने इंटकवेल के कुएं में जमा गाद को हटाने के लिये 25-30 श्रमिक लगाने के लिए कहा गया। महापौर ने निरीक्षण के दौरान धोलावाड़ से थोड़ी ही दूरी पर देखा कि ग्रामीणों द्वारा पाइप लाइन से सीधे पानी लिया जा रहा है। उसमें नल-टोटी की व्यवस्था नहीं होने से 24 घंटे पानी बहकर आगे की ओर तालाब का रूप ले रहा है और ग्रामीण उस पानी से खेतो में सिंचाई कर रहे है।
निगम आयुक्त ने सीवरेज प्रोजेक्ट स्थलों पर चैंबर उठवाकर देखा कार्य
कलेक्टर तन्वी सुन्द्रियाल और महापौर के निरीक्षण के बाद गुरुवार को निगम आयुक्त एसके सिंह ने शहर में चल रहे सीवरेज रिस्टोरेशन कार्य के साथ सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया। निगम आयुक्त ने वार्ड 4 देवरादेव नारायण नगर में निरीक्षण के दौरान निगम आयुक्त ने कम्पनी के इंजीनियर व कर्मचारियों को तलब कर कहा कि सीवरेज रिस्टोरेशन का कार्य अनुबंध शर्तों के अनुरूप हो। निगम आयुक्त ने रिस्टोरेशन कार्य के बारे में क्षेत्रिय नागरिकों से भी जानकारी ली। उन्होंने वार्ड 7 व 8 की सफाई व्यवस्था का जायजा लिया तथा वार्ड 8 में दोपहर की शिफ्ट में 3 सफाई संरक्षक ही उपस्थित मिलने पर दरोगा से स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरन कार्यपालन यंत्री नागेश वर्मा ने सीवरेज के वर्तमान कार्य और कंपनी के कार्य स्थलों की जानकारी दी। वहीं, आयुक्त ने लौटते वक्त मुख्य रोड पर भी एक कचरा संग्रहण वाहन को रोककर रूट चार्ज चेक किया।
३०० एचपी की एकमात्र मोटर पर निर्भर जल प्रदाय का अमला
मोरवानी फिल्टर प्लांट के निरीक्षण के दौरान महापौर ने देखा कि पुराने पंप हाउस में तीन मोटरों में से एक ही मोटर 300 एचपी की चालू है। इससे प्रात: 5 बजे से रात्रि २. 45 तक कार्य होता है। ऐसी स्थिति में एक मात्र चालू हालत की मोटर खराब होने से बड़ी समस्या उत्पन्न हो सकती है। इसे लेकर उन्होंने निर्देशित किया कि दोनो बंद पड़ी 250-250 एचपी की मोटरों को सुधरवाकर बारी-बारी से तीनों मोटरों को चलाया जाए, ताकि एक ही मोटर पर पुरा लोड ना पड़े व आपात स्थिति से बचा जा सके। पुराने पंप हाउस के दोनो बंद टर्बाइनों को भी चालू कराने के लिए कहा गया। फिल्टर प्लांट स्थित पानी में क्लोरिन मिक्सींग करने वाले सम्पवेल की छत टूटी होने से क्लोरिन पानी में नहीं मिल पाती है और उड़ जाती है। पुराने प्लाकुलेटर के साथ नए पम्प हाउस की तीन मोटरों में से एक मोटर के खराब स्टार्टर को बदलने के लिए भी कहा। शहर से निकलने वाले सोडियम वेपर लेम्पो को धोलावाड़ और मोरवानी फिल्टर प्लांट पर लगवाने के निर्देश भी दिए।
सुधार के लिए कहा
धोलावाड़ व मोरवानी फिल्टर प्लांट पर संसाधन और सफाई को लेकर कमियां सामने आई है। इनको ३० नवम्बर तक ठीक करने के लिए कहा है। शहर की जनता को संसाधन की खराबी के कारण परेशानी न हो, इसे लेकर निर्देश दिए गए है।
- डॉ. सुनीता यार्दे, महापौर रतलाम
सीवरेज का कार्य देखा
सफाई और व्यवस्थाओं को देखने के लिए गए थे, सीवरेज के कार्य स्थल पर कंपनी और निगम के इंजीनियरों के साथ लोगों से चर्चा की है, कार्य शर्तो के अनुसार करने के लिए कहा है। सफाई में जहां भी लापरवाही दिखाई देगी, तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
- एसके सिंह, आयुक्त नगर निगम
पहले भी कहा था
महापौर के निरीक्षण के दौरान टर्बाइन और मोटर पंप खराब पड़े मिले है, हमने पहले ही कहा था कि संसाधनों की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान जो कमियां सामने आई है, उन पर तत्काल कार्य के लिए कहा गया है।
- प्रेम उपाध्याय, प्रभारी जलकार्य समिति
Published on:
24 Nov 2017 06:36 pm
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