
creative kids
बच्चे क्रिएटिव तभी हो सकते हैं, जब वे किसी से बंधे न हों, जब वे स्क्रीन और उस पर परोसी जाने वाली सामग्री तक ही सीमित न हों। जरूरी है कि वे रिमोट कंट्रोल छोडक़र बाहर निकलें या अपने क्राफ्ट बॉक्स खोलें और अपनी कल्पना को उड़ान भरने दें।
आ ज लगभग हर बच्चा टीवी, कम्प्यूटर या मोबाइल स्क्रीन से चिपका नजर आता है। यहां तक कि खाना-पीना और पढ़ाई भी इन स्क्रीन्स के आगे ही हो रही है। इस निष्क्रियता से न केवल बच्चों की शारीरिक सक्रियता कम हो रही है, बल्कि कल्पना की उड़ान भी सीमित हो रही है। ऐसे में अपने बच्चों को एक्टिव और क्रिएटिव बनाना पेरेंट्स के लिए चिंता का कारण बनता जा रहा है। लेकिन फिक्र की जरूरत नहीं, क्रिएटिविटी घर के कोने में ही छिपी है, बस जरूरत सही तरीके से उससे परिचय करवाने की है।
आर्ट-क्राफ्ट से जुड़ी चीजें दें
एक बॉक्स बनाएं, जिसमें पेंट, क्रेयॉन, मार्कर, क्ले, ग्लिटर, ग्लू, पेंट ब्रश, स्टेंसिल, अलग-अलग तरह के पेपर, धागे, ऊन जैसी क्राफ्ट से जुड़ी चीजें रखी हों। आप कलरिंग बुक्स और क्राफ्ट किट्स भी इनमें शामिल कर सकती हैं। यह बॉक्स बच्चों को दें और इसमें रखे सामान और अपनी कल्पना के साथ कुछ नया बनाने को कहें। उनकी मदद के लिए आप उन्हें कुछ आइडिया बुक्स भी दे सकती हैं।
बेकार चीजें जमा करें
खाली बॉक्स, प्लास्टिक के कंटेनर, नट बोल्ट, लकड़ी के छोटे टुकड़े, रस्सी या मोटा धागा, टूटे खिलौने जैसे कई फेंकने योग्य सामान हम सभी के घर में मौजूद होते हैं। इन चीजों को एक निर्धारित जगह या कंटेनर में जमा करें और समय निकालकर अपने बच्चे के साथ मिलकर इन चीजों से कुछ नया बनाने की कोशिश करें। यही नहीं, बच्चों के लिए समय बांध दें, जब उन्हें यही काम करना हो। इसे चैलेंजिंग बनाने के लिए आप बच्चों को कुछ सीमित चीजें देकर कुछ बनाने के लिए कह सकती हैं। ये बच्चे के लिए मजेदार भी होगा और उसे कुछ क्रिएटिव करने का मौका भी देगा।
बच्चों की भी आएगा मजा
एक बार बच्चे जब क्रिएटिव चीजों में रमने लगते हैं तो फिर वे न तो मोबाइल में उलझे रहते हैं और न ही वीडियो गेम्स में। आपको यकीन न तो हो उनके सामने क्राफ्ट बॉक्स रख कर देखिए, वे क्रेजी हो जाएंगे। और हां, जब वे आर्ट और क्राफ्ट में व्यस्त हों तो आप भी उनका साथ देना न भूलें। आपको भी उनके साथ बहुत मजा आएगा।
बाहर जाएं
अपने बच्चे को बाहर ले जाएं, चाहे वह पार्क हो या कोई और जगह। कैंपिंग, हाइकिंग जैसी एक्टीविटीज करें। अपने बच्चों को वह सब दिखाएं, जो उन्होंने पहले कभी न देखा हो और उन्हें अपने अनुभवों का एक जर्नल लिखने को कहें या एक सूची बनाने के लिए कहें। इस जानकारी के आधार पर उन्हें कहानी लिखने या कुछ सृजनात्मक करने का मौका दें। खुली ताजी हवा में उनकी क्रिएटिविटी निश्चित ही नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगी।
टेक्नोलॉजी की मदद लें
जी हां, बच्चों में क्रिएटिविटी को जगाने में टेक्नोलॉजी भी आपकी मदद कर सकती हैं। लेकिन यहां आपको थोड़ा समझदारी से काम लेना होगा। ऐसे एप चुनें, जो आपके बच्चे के आइडिया को आगे ले जा सकें। मसलन अगर आपके बच्चे ने क्ले से कोई आकृति बनाई हो तो वह एप उसका एक क्लेमेशन वीडियो बना सके। या ऐसे एप खोजें, जो बच्चों को कहानी लिखने में मदद करे। इनका चुनाव ध्यान से करें और कुछ सीमाएं तय करें।
Published on:
27 Dec 2017 03:44 pm
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