
vidya vox story in hindi
Youtube की नई खोज विद्या अय्यर वॉक्स का जन्म तमिलनाडु के चेन्नई में हुआ था। जब वे आठ साल की थीं तो परिवार संग अमरीका चली गईं। इन्हें बचपन से ही सिंगिंग के साथ पढ़ाई करना पसंद था। बड़ी बहन जब भी कर्नाटकी संगीत का रियाज करतीं तो उनके साथ ये भी बैठ जाती थीं। धीरे-धीरे इन्हें भी गाने का शौक होने लगा। इसी बीच इन्हें हॉलीवुड फिल्मों के गाने और एलबम्स को इंडियन म्यूजिक के साथ मिक्स कर गाने का शौक हुआ। घर पर या दोस्तों के साथ जब भी मौका मिलता गाना गाने की प्रेक्टिस करने लगती थीं। इसके बाद अमरीकन म्यूजिक कंपोजर और म्यूजिशियन शंकर टकर के साथ मिलकर काम किया। शंकर के साथ काम करने और गाना गाने के साथ म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट बजाना भी सीख लिया।
म्यूजिक सीखने के बाद ये तय नहीं कर पा रहीं थी कि पढ़ाई जारी रखनी है या नहीं। स्कूली पढ़ाई के बाद साइकोलॉजी से स्नातक किया। इसके बाद डॉक्टरी की पढ़ाई का इरादा बनाया लेकिन बहुत सोच विचार के बाद फैसला किया कि म्यूजिक की दुनिया में किस्मत आजमाएंगी। अमरीकन म्यूजिक की बारीकियां सीखने के बाद इंडियन क्लासिकल म्यूजिक सीखने के लिए मुंबई आ गईं जहां इन्होंने अलग-अलग शहरों के मशहूर संगीतकारों की मदद से शास्त्रीय संगीत सीखा।
व्हाइट हाउस में चला जादू
व्हाइट हाउस में भी इनकी आवाज का जादू चल चुका है। एक सरकारी कार्यक्रम के तहत व्हाइट हाउस में लाइव परफॉर्मेंस देकर अधिकारियों और अमरीका की जानी मानी हस्तियों को अपनी सुरीली आवाज का कायल बना दिया था। इसके अलावा भारत के नेशनल सेंटर फॉर द परफॉर्मिंग आट्र्स, अमरीका के मशहूर वेबस्टर हॉल नाइट क्लब में परफॉर्मेंस देकर धमाल मचा चुकी हैं।
२०१५ में वापस चली गईं अमरीका
मुंबई में दो साल तक इंडियन क्लासिकल म्यूजिक सीखने के बाद २०१५ में वापस अमरीका चली गईं। यूट्यूब चैनल शुरू करने से पहले शंकर टकर समेत अन्य यूट्यूब स्टार्स का यूट्यूब वीडियो देखा। इसके बाद कुछ अलग करने के लिए करीब चार महीने तक अलग तैयारी की। चैनल शुरू करने से पहले दिन रात प्रेक्टिस करती थीं जिसमें मां ने पूरा साथ दिया था।
केरल घूमना है इन्हें बहुत पसंद
इनके दादा-दादी केरल के रहने वाले थे और बचपन में इनका कुछ समय उनके साथ भी गुजरा था। वे जब भी भारत आती हैं केरल जरूर जाती हैं क्योंकि वहां की सुंदरता इन्हें बेहद आकर्षित करती है और वहां एक-एक पल जीती हैं।
2015 में यूट्यूब चैनल लॉन्च किया जिसपर मौजूद वीडियो सॉन्गस को कुछ समय में ही ३५ करोड़ लोगों ने देखा था जबकि तीस लाख से अधिक लोगों ने इनके चैनल को सब्सक्राइब किया हुआ है।
2017 में गूगल के एक सर्वे में विद्या को टॉप-टेन यूट्यूब क्रिएटर्स की टीम में जगह मिली थी। रिपोर्ट में बताया था कि इनके गाना गाने का अंदाज सबसे अलग है।
अब चैरिटी से करती हैं लोगों की मदद
डॉक्टरी की बजाए यूट्यूब स्टार बनने के बाद जरूरतमंदों की मदद के लिए चैरिटी करती हैं। यूट्यूब और लाइव परफॉर्मेंस से जो भी पैसा मिलता है उसका कुछ हिस्सा गरीब मरीजों के इलाज और स्कूल न जाने वाले बच्चों के लिए दान करती हैं। इनका सपना है कि स्कूलों में भी स्पेशल प्रोग्राम चलाए जाएं। जिसमें ऐसे बच्चों को चिन्हित करें जो उन्हें दूसरे से अलग बनाते हैं और उन्हें उसी ओर आगे बढऩे के लिए प्रेरित किया जाए।
चर्चा में : हाल ही ये अपने गाने ‘कुठु फायर’ के प्रमोशन के लिए भारत आईं थी और इस दौरान इन्होंने लाइव परफॉर्मेंस भी दिया था। वेस्टर्न म्यूजिक के साथ इंडियन म्यूजिक का तडक़ा लगाने की कला इन्हें आती है। इसी अदा पर इनके फैन्स की संख्या दुनियाभर में काफी तेजी से बढ़ रही है।
Published on:
31 Dec 2017 12:56 pm
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