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Apara Ekadashi 2026 Date: अपरा एकादशी कब है? 12 या 13 मई, दूर करें अपनी सारी उलझन और जानें सही मुहूर्त

Apara Ekadashi 2026 Date, Puja Time, Benefits ,Vrat Rules : अपरा एकादशी 2026 की सही तारीख को लेकर कन्फ्यूजन है? जानें 12 या 13 मई में से सही व्रत तिथि, पूजा मुहूर्त, पारण समय, नियम और इस व्रत के अद्भुत लाभ।

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भारत

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Manoj Vashisth

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Pandit Pramod Sharma

Apr 23, 2026

Apara Ekadashi 2026 Date

Apara Ekadashi 2026 Date : अपरा एकादशी 2026: सही तारीख, व्रत नियम, पारण टाइम और महत्व (फोटो सोर्स: AI@Gemini)

Apara Ekadashi 2026 Date: अगर आप भी इस साल अपरा एकादशी की तारीख को लेकर सिर खुजला रहे हैं, तो आप अकेले नहीं हैं। कैलेंडर में तिथियों के फेरबदल ने भक्तों के बीच थोड़ा कन्फ्यूजन पैदा कर दिया है। लेकिन फिक्र न करें, हम यहां आपकी इस उलझन को पूरी तरह सुलझाने और आपको पुण्य कमाने का सही रास्ता बताने आए हैं।

तारीख का असली पेंच: 12 मई नहीं, 13 मई है खास (Apara Ekadashi 2026 Date)

पंडित प्रमोद शर्मा ने कहा, पंचांग के गणित को समझें तो एकादशी तिथि 12 मई 2026 को दोपहर 2:52 बजे शुरू हो जाएगी, लेकिन शास्त्रों में उदयातिथि (सूर्योदय के समय मौजूद तिथि) का सबसे ज्यादा महत्व होता है।

व्रत की सही तारीख: 13 मई 2026 (बुधवार)

पूजा का श्रेष्ठ समय: दोपहर 1:29 बजे तक (तिथि समापन तक)

ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:37 से 5:21 तक (भगवान की भक्ति के लिए सबसे ऊर्जावान समय)

पारण (व्रत खोलने) का सही समय

व्रत रखने जितना ही जरूरी उसे सही समय पर खोलना है। अगर आप समय चूक जाते हैं, तो व्रत का पूर्ण फल नहीं मिलता।

पारण की तारीख: 14 मई 2026 (गुरुवार)

सबसे शुभ समय: सुबह 6:04 से 8:41 के बीच।

सुबह 11:20 बजे से पहले अपना व्रत जरूर खोल लें।

क्यों है अपरा एकादशी इतनी खास?

अपरा शब्द का अर्थ होता है अपार, यानी वह व्रत जो आपको अपार खुशियां और पुण्य दे। इसे कई जगहों पर अचला एकादशी के नाम से भी जाना जाता है।

अद्भुत फायदे और मान्यताएं:

पापों से मुक्ति: माना जाता है कि अनजाने में हुई बड़ी गलतियों या झूठ बोलने से लगे दोषों को यह व्रत मिटा देता है।

गंगा स्नान जैसा फल: पौराणिक कथाओं के अनुसार, अपरा एकादशी का फल कार्तिक मास में गंगा स्नान करने या केदारनाथ के दर्शन करने के बराबर मिलता है।

पितरों का आशीर्वाद: इस दिन दान-पुण्य करने से पितृ तृप्त होते हैं और घर में सुख-शांति का वास होता है।

प्रो टिप: इस दिन भगवान विष्णु को पीले फूल और तुलसी दल अर्पित करना न भूलें। विष्णु जी की पूजा में तुलसी के बिना भोग अधूरा माना जाता है!

इस दिन क्या करें और क्या न करें?

क्या करें: सात्विक भोजन करें, जरूरतमंदों को पानी या फल दान करें और 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप करें।

क्या न करें: एकादशी के दिन चावल खाना वर्जित है। साथ ही, इस दिन क्रोध करने या किसी की बुराई करने से बचें ताकि आपकी मानसिक ऊर्जा शुद्ध रहे।

2026 की अपरा एकादशी आपके जीवन में समृद्धि के द्वार खोल सकती है। बस याद रखें 13 मई को पूरी श्रद्धा के साथ व्रत रखें और 14 मई की सुबह सही समय पर पारण करें। आपकी भक्ति सफल होगी।

अस्वीकरण (Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यहाँ दी गई ज्योतिष, वास्तु या धार्मिक जानकारी मान्यताओं और विभिन्न स्रोतों पर आधारित है। हम इसकी पूर्ण सटीकता या सफलता की गारंटी नहीं देते हैं। किसी भी उपाय, सलाह या विधि को अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के प्रमाणित विशेषज्ञ या विद्वान से परामर्श अवश्य लें।