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Devshayani Ekadashi 2026: चार महीने किस स्थान पर विश्राम करते हैं भगवान विष्णु? ज्योतिषाचार्य से जानिए

Devshayani Ekadashi 2026: देवशयनी एकादशी से भगवान विष्णु चार महीने के लिए योगनिद्रा में चले जाते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि योगनिद्रा के दौरान श्रीहरि आखिर कहां रहते हैं?ज्योतिषाचार्य से जानिए।
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भारत

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Akash Dewani

Jul 20, 2026

devshayani ekadashi 2026 where does lord vishnu stay during chaturmas

Devshayani Ekadashi 2026: ज्योतिषाचार्य से जानिए चार महीने किस स्थान पर विश्राम करते हैं भगवान विष्णु? (फोटो सोर्स- Patrika)

Devshayani Ekadashi-Chaturmas: ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा के अनुसार, आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को देवशयनी एकादशी मनाई जाती हैं। इस वर्ष 25 जुलाई को यह एकादशी पड़ रही है और इसका समापन 21 नवंबर को देवउठनी एकादशी (Devuthani Ekadashi) के दिन होगा। देवशयनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु देवी लक्ष्मी संग चार माह की योग निद्रा में जाते हैं। इसलिए इस पूरी सृष्टि का संचालन स्वयं महादेव संभालते हैं। वहीं भगवान विष्णु के योगनिद्रा में जाने के साथ ही चातुर्मास की शुरुआत भी हो जाती है। इस अवधि में शादी-विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन,नामकरण, यात्रा व अन्य कोई भी शुभ कार्यों को करने की सख्त मनाही होती हैं। आमतौर पर इस समय को देवों के सोने का समय कहा जाता है, पर यहां प्रश्न सामने आता है कि भगवान विष्णु योगनिद्रा के समय कहां रहते हैं।

चतुर्मास में नहीं होते विवाह

भगवान विष्णु को सृष्टि का पालनहार कहा जाता है। श्रीहरि के विश्राम अवस्था में चले जाने के बाद मांगलिक कार्य जैसे- विवाह, मुंडन, जनेऊ आदि करना शुभ नहीं माना जाता है। मान्यता है कि इस दौरान मांगलिक कार्य करने से भगवान का आशीर्वाद नहीं प्राप्त होता है। शुभ कार्यों में देवी-देवताओं का आवाह्न किया जाता है। भगवान विष्णु योग निद्रा में होते हैं, इसलिए वह मांगलिक कार्यों में उपस्थित नहीं हो पाते हैं। जिसके कारण इन महीनों में मांगलिक कार्यों पर रोक होती है।

योगनिद्रा के समय कहा रहते है भगवान विष्णु?

ग्रंथों के अनुसार पाताल लोक के अधिपति राजा बलि ने भगवान विष्णु से पाताल स्थिति अपने महल में रहने का वरदान मांगा था। इसलिए माना जाता है कि देवशयनी एकादशी से अगले 4 महीने तक भगवान विष्णु पाताल में राजा बलि के महल में निवास करते हैं। इसके अलावा अन्य मान्यताओं के अनुसार शिवजी महाशिवरात्रि तक और ब्रह्मा जी शिवरात्रि से देवशयनी एकादशी तक पाताल में निवास करते हैं।

चतुर्मास के चार महीने

चतुर्मास का पहला महीना सावन होता है। यह माह भगवान विष्णु को समर्पित होता है। दूसरा माह भाद्रपद होता है। यह माह त्योहारों से भरा रहता है। इस महीने में गणेश चतुर्थी और कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व भी आता है। चतुर्मास का तीसरा महीना अश्विन होता है। इस मास में नवरात्र और दशहरा मनाया जाता है। चतुर्मास का चौथा और आखिरी महीना कार्तिक होता है। इस माह में दिवाली का त्योहार मनाया जाता है। इस माह में देवोत्थान एकादशी भी मनाई जाती है। जिसके साथ ही मांगलिक कार्य शुरू हो जाते हैं।