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Garud Puran Niyam: मृतक की चीजें रखना या पहनना सही या गलत? गरुड़ पुराण में छिपा है इसका रहस्य

Garud Puran Niyam: किसी प्रियजन के निधन के बाद उसकी यादें, भावनाएं और उसकी उपयोग की गई वस्तुएं हमारे पास रह जाती हैं। कई लोग इन चीजों को संभालकर रखते हैं या उनका उपयोग भी करते हैं, लेकिन धार्मिक मान्यताओं में इसे लेकर विशेष नियम बताए गए हैं।

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भारत

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MEGHA ROY

Apr 07, 2026

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Garud Puran Niyam: जीवन और मृत्यु सृष्टि का अटल सत्य है, और हर व्यक्ति को एक दिन इस संसार से विदा लेना ही पड़ता है। अपने प्रियजन के जाने के बाद उनकी यादें और उनसे जुड़ी चीजें ही हमारे पास रह जाती हैं, जिनसे भावनात्मक जुड़ाव होना स्वाभाविक है। कई लोग मृतक के कपड़े, गहने या अन्य वस्तुओं को संभालकर रखते हैं या उनका उपयोग भी करते हैं। लेकिन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन चीजों के उपयोग को लेकर कुछ नियम बताए गए हैं। ऐसे में गरुड़ पुराण में वर्णित इन नियमों को जानना बेहद जरूरी हो जाता है, ताकि अनजाने में कोई भूल न हो।

Garud Puran Rules After Death: मृत्यु के बाद आत्मा की यात्रा

गरुड़ पुराण के अनुसार, मृत्यु के बाद आत्मा शरीर त्यागकर एक नई यात्रा पर निकलती है। इस दौरान आत्मा अपने पुराने जीवन, रिश्तों और वस्तुओं के प्रति मोह में बंधी रहती है। यदि परिवारजन मृतक की वस्तुओं का उपयोग करते रहते हैं, तो माना जाता है कि आत्मा का यह मोह जल्दी समाप्त नहीं होता, जिससे उसकी आगे की यात्रा में बाधा आ सकती है।

कपड़ों का महत्व

कपड़े केवल शरीर ढकने का साधन नहीं होते, बल्कि उनसे व्यक्ति की भावनाएं और ऊर्जा भी जुड़ी होती हैं। मान्यता है कि मृत्यु के बाद भी ये ऊर्जा कपड़ों में बनी रहती है। ऐसे में यदि कोई दूसरा व्यक्ति उन्हें पहनता है, तो वह मानसिक असहजता या बेचैनी महसूस कर सकता है। इसलिए बेहतर माना जाता है कि कपड़ों को धोकर जरूरतमंदों को दान कर दिया जाए।

गहनों के उपयोग का नियम

गहने लंबे समय तक शरीर के संपर्क में रहते हैं, इसलिए उनमें भी व्यक्ति की ऊर्जा जुड़ी होती है। गरुड़ पुराण के अनुसार, मृतक के गहनों को सीधे पहनना उचित नहीं माना गया है। हालांकि, यदि व्यक्ति ने जीवनकाल में स्वयं गहने किसी को उपहार में दिए हों, तो उनका उपयोग करना स्वीकार्य है।

अन्य वस्तुएं और सावधानियां

घड़ी, जूते-चप्पल, बिस्तर और बर्तन जैसी वस्तुओं को भी मृतक की ऊर्जा से प्रभावित माना गया है। इनका उपयोग करने से नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए इन वस्तुओं को बदलने या दान करने की सलाह दी जाती है।

Death Rituals in Hinduism: दान का महत्व

मृतक की वस्तुओं का दान करना न केवल पुण्य का कार्य माना जाता है, बल्कि इससे आत्मा को शांति भी मिलती है। ऐसा करने से वह अपने अगले पड़ाव की ओर बिना किसी बाधा के आगे बढ़ पाती है।

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