6 मार्च 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Garuda Purana Secrets: मृत्यु के बाद 13 दिन का पाठ क्यों है जरूरी? जानें इसके धार्मिक और आध्यात्मिक कारण

Garuda Purana Secrets: हिंदू परंपरा में किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद घर में 13 दिनों तक गरुड़ पुराण का पाठ करवाने की प्रथा है। मान्यता है कि मृत्यु के बाद कुछ समय तक आत्मा अपने घर और परिवार के आसपास ही रहती है।

2 min read
Google source verification

भारत

image

MEGHA ROY

Mar 06, 2026

Garuda Purana, गरुड़ पुराण, Hindu death rituals, soul journey after death,

Garuda Purana 13 days rituals reason|फोटो सोर्स: Freepik

Garuda Purana Secrets: हिंदू धर्म में किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद कई धार्मिक परंपराएं और संस्कार किए जाते हैं। इन्हीं में से एक महत्वपूर्ण परंपरा गरुड़ पुराण का पाठ कराना भी है। मान्यता है कि यह ग्रंथ भगवान विष्णु और उनके वाहन गरुड़ के बीच हुए संवाद पर आधारित है, जिसमें मृत्यु के बाद आत्मा की यात्रा, कर्मों के फल और परलोक से जुड़े कई रहस्यों का वर्णन मिलता है।धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, किसी व्यक्ति के देहांत के बाद 13 दिनों तक गरुड़ पुराण का पाठ कराया जाता है।आइए जानते हैं मृत्यु के बाद 13 दिन तक गरुड़ पुराण का पाठ कराने के धार्मिक और आध्यात्मिक कारण।

क्या है गरुड़ पुराण

हिंदू धर्म में गरुड़ पुराण को अत्यंत महत्वपूर्ण ग्रंथ माना जाता है। यह 18 महापुराणों में से एक है, जिसमें जीवन, मृत्यु और आत्मा से जुड़े कई रहस्यों का वर्णन मिलता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार पक्षीराज गरुड़ ने भगवान विष्णु से मृत्यु के बाद की स्थिति, यमलोक की यात्रा, स्वर्ग-नरक, कर्मों के फल और पुनर्जन्म के बारे में कई प्रश्न किए थे। भगवान विष्णु ने इन सभी प्रश्नों के विस्तृत उत्तर दिए, जिन्हें आगे चलकर गरुड़ पुराण के रूप में जाना गया।इस ग्रंथ में केवल मृत्यु के रहस्यों का वर्णन ही नहीं है, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाले धर्म, नीति, पाप-पुण्य और आत्मज्ञान से जुड़े कई महत्वपूर्ण संदेश भी बताए गए हैं। इसलिए इसे आध्यात्मिक ज्ञान का एक महत्वपूर्ण स्रोत माना जाता है।

Garuda Purana: मृत्यु के बाद 13 दिन तक पाठ क्यों किया जाता है

हिंदू परंपरा में किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद घर में 13 दिनों तक गरुड़ पुराण का पाठ करवाने की प्रथा है। मान्यता है कि मृत्यु के बाद कुछ समय तक आत्मा अपने घर और परिवार के आसपास ही रहती है। ऐसे में जब घर में गरुड़ पुराण का पाठ किया जाता है, तो माना जाता है कि आत्मा को अपनी आगे की यात्रा के बारे में समझ मिलती है।गरुड़ पुराण में बताया गया है कि मनुष्य के कर्म ही उसकी गति तय करते हैं। उसके अच्छे और बुरे कर्मों के आधार पर उसे स्वर्ग, नरक या पुनर्जन्म की प्राप्ति होती है। जब परिवार के लोग इस पाठ को सुनते हैं, तो उन्हें भी जीवन में अच्छे कर्म करने और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है।

मृत्यु के बाद क्या आत्मा 13 दिन तक घर में रहती है?

शास्त्रों के अनुसार मृत्यु के तुरंत बाद आत्मा अपने शरीर से अलग होने की स्थिति को आसानी से स्वीकार नहीं कर पाती। जिस घर और परिवार के साथ उसने अपना जीवन बिताया होता है, उससे उसका मोह बना रहता है। इसी कारण कुछ समय तक वह अपने प्रियजनों के आसपास ही रहती है।गरुड़ पुराण का पाठ आत्मा के इस मोह को कम करने और उसे शांति देने का माध्यम माना जाता है। साथ ही यह जीवित लोगों को भी जीवन के सच्चे अर्थ और कर्मों के महत्व को समझने की सीख देता है।