करवा चौथ पर, विवाहित महिलाएं पूरे दिन निर्जला व्रत रखती हैं और अपने पति की लंबी आयु और समृद्धि की कामना करती हैं। शाम को चांद देखने, चांद को अर्घ्य देने और अपने पति के हाथों से भोजन का निवाला लेने के बाद, वे अपना व्रत तोड़ती हैं। चांद के अलावा, महिलाएं भगवान गणेश, भगवान शिव, भगवान पार्वती, भगवान कार्तिकेय और करवा माता की भी पूजा करती हैं। वे नई दुल्हन की तरह सजती हैं, लाल रंग के नए कपड़े पहनती हैं, श्रृंगार करती हैं और हाथों में मेहंदी लगाती हैं।