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धर्म कर्म- हर तरह के डर से जीत दिलाते हैं ये मंत्र

victory from all kinds of fears- साहस, ताकत, लड़ने की क्षमता, निडरता के लिए इनका करें जाप

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victory from all kinds of fears

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किसी को अंधेरे से डर तो किसी को सुनसान से डर, किसी को शत्रुओं का डर यहां तक की कई लोग तो अकेले रहने या चलने में तक डरते हैं। जानकारों के अनुसार दरअसल डर का संबंध शारीरिक या भावनात्मक खतरे से होता है। सामान्यत: किसी का सामना न करने की क्षमता न होने से शारीरिक डर तो किसी के व्‍यवहार से भी शारीरिक डर होता है। वहीं विभिन्न मनोवैज्ञानिक समस्या के कारण भावनात्मक डर हो सकता है।

ऐसे में यदि आपका दिल कमजोर है या आप बहुत जल्दी डर जाते हैं या घबरा जाते हैं और साथ ही आपको बुरे सपने भी आते हैं, तो ऐसे में आज हम आपको कुछ उपाय बता रहे हैं, जिनके संबंध में माना जाता है कि इन्हें करने से मन का डर दूर होता है।

दरअसल ज्योतिष के जानकारों के अनुसार मंगल को साहस, ताकत, लड़ने की क्षमता, निडरता आदि का कारक माना जाता है।

ऐसे में जब मंगल पर बहुत बुरा प्रभाव होता है या मंगल कुंडली में बहुत कमज़ोर होता है तो ऐसे जातक डरपोक हो जाते है। वहीं आप पूर्ण विश्वास के साथ किसी भी भगवान के नाम का जाप कर सकते है।

पंडित एके शुक्ला के अनुसार डर को भगाने के कुछ ऐसे खास मंत्र भी हैं, जिनके संबंध में माना जाता है कि इनके जाप से भय पर विजय पाई जा सकती है। ऐसा करने से आप अलग- अलग तरह के डर पर विजय प्राप्त कर सकते हैं।

पंडित शुक्ला के मुताबिक ज्योतिष में मंगल के इष्ट देव हनुमान जी हैं ऐसे में यदि जातक हनुमान जी कर उपासना करता है तो उसका मंगल मज़बूत हो जाता है। वहीं हनुमान मंत्र के इन भय नाशक मंत्रों को जाप जातक को नहाने के बाद कम से कम 108 बार करना चाहिए। मंत्र का जाप करते समय आपके सामने हनुमान जी की प्रतिमा या चित्र होना चाहिए। इसके अलावा इस दौरान हनुमान चालीसा का पाठ भी बहुत लाभदायक रहता है।
मंत्र :ॐ एम ह्रीं हनुमते रामदूताए नमः।।

इसके साथ ही आप श्रीमदभागवत गीता के गजेंद्र मोक्ष स्त्रोत को दिन में एक बार सुन सकते हैं। नरसिंह उपनिषद के उस महान मंत्र जिसमें नरसिंह अनुष्ठान और प्रभु के सुदर्शन चक्र का विवरण भी दिया गया है, उसके जाप से यानि प्रभु के महान सुरक्षा चक्र से भय आदि से भी मुक्ति मिलती है।

मंत्र :उग्रवीरं महाविष्णुं ज्वलन्तं सर्वतोमुखम्. नृसिंहं भीषणं भद्रं मृत्युमृत्युं नमाम्यहम् ॥

पंडित एसके उपाध्याय के अनुसार जातक को डर से जीत के लिए शक्ति की देवी मां दुर्गा की स्तुति करनी चाहिए।

मंत्र :यस्याः प्रभावमतुलं भगवाननन्तो ब्रह्मा हरश्च न हि वक्तमलं बलं च।
सा चण्डिकाखिलजगत्परिपालनाय नाशाय चाशुभभयस्य मतिं करोतु।।

इसके अलावा भगवान गणेश को समर्पित मंत्र- जातक का साहस बहाल करने के साथ ही उनके मन को निडर बनाने का कार्य करता है।

मंत्र :ॐ गतभिये नमः ओम गहता - भियए नमः।।

इसके अतिरिक्त मन के डर को दूर करने के लिए वह मंत्र जिसके जाप से दिमाग में गहरे बैठे किसी भी प्रकार के मनोवैज्ञानिक डर को मिटाकर भयहीन बना जा सकता है। भगवान गणेश का वह मंत्र डर से लड़ने के लिए है।
मंत्र :ॐ गताभयाय नमः ओम गहता - भयाया नमः।।

भगवान गणेश को समर्पित इस मंत्र को लेकर ये मान्यता है कि अतीत के डर को दूर करने के साथ ही भविष्य की आने वाली किसी भी भयभीत करने वाली घटना से जब जातक को डर लगे तो उसे इस वैदिक मंत्र का एक दिन में कम से कम पांच बार जाप करना चाहिए। मान्यता के अनुसार इस मंत्र के जाप का असर जल्द ही दिखने लगता है। अपने उच्चारण को सही करने के लिए आप मंत्र का ऑडियो भी सुन सकते हैं।

मंत्र :ॐ गतागतनिवारकाय नमः ओम गहता -घटा -निवारकाय् नमः।।

वहीं पंडित सुनील शर्मा के अनुसार इसके अलावा जातक महामृतुंजय मंत्र का जाप करके मौत के डर को भी जीत सकते है।
मंत्र :त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्‌. उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्‌ ॥