
नई दिल्ली। आध्यात्म में लोग कुछ भी कर गुजरने को तैयार होते हैं और हैरान करने वाली बात तो ये है कि लोगों को इसमें कोई परेशानी नहीं होती है। इसके पीछे की वजह आज तक एक राज ही बना हुआ है जिसपर से पर्दा उठाना नामुमकिन है।
आध्यात्म से जुड़ी ही एक ऐसी जगह के बारे में हम आपको बताएंगे जिसे जानने के बाद आप भी सोच में पड़ जाएंगे। जम्मू एक मीटर चौड़ी और दो सौ मीटर लंबी और दो या तीन मीटर ऊंची एक गुफा है जिसके अंदर जाने से सांसे थम जाती हैं। अब ये लोगों की गहरी आस्था ही है जो इन्हें इस गुफा को पार कराती है।
भक्ति का भाव, दिल में ईश्वर के प्रति गहरा विश्वास ही भोले भंडारी तक इन्हें पहुंचाता है। इस प्राकृतिक गुफा में एक शिवलिंग है जो करीब चार मीटर का है। बता दें कि एक बार में लगभग 300 भक्त ही गुफा में प्रवेश कर पाते हैं। ये गुफा काफी ज्य़ादा संकरी है जिसमें से किसी का निकलना बहुत मुश्किल है।
यहां लोग ये कहते हैं कि इस गुफा के अंदर एक ऐसी जगह है जहां से अमरनाथ की गुफा तक जाया जा सकता है हालांकि फिलहाल इस मार्ग को बंद कर दिया गया है क्योंकि इसमें कुछ साधु गए थे जो कभी लौट कर वापस नहीं आ पाए और तब से आज तक इसे बंद कर दिया गया है। इस गुफा के अंदर कई सारी प्राकृतिक चीजें हैं। इस गुफा की छत पर सांप की आकृति बनी हुई है और अंदर मां पार्वती, गणेश जी और नंदीग्राम हैं।
जम्मू की ये प्रसिद्ध गुफा शिवखेड़ा उद्धमपुर जिले के रैंसा नामक गांव में स्थित है। इस तीर्थस्थान तक पहुंचने के लिए कम से कम तीन किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है।
ये प्रसिद्ध गुफा जम्मू से करीब 140 किलोमीटर, कटरा से करीब 80 किलोमीटर दूरी पर स्थित है। लोगों के मन में इस प्रसिद्ध गुफा के प्रति काफी भक्ति के साथ-साथ जिज्ञासाएं भी बनी हुई हैं जिनका जवाब आज तक नहीं मिल पाया है।
Published on:
17 Feb 2018 05:58 pm
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