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Holi 2026: पति के घर पहली होली नहीं मनाती नवविवाहित दुल्हन, जानिए इस रिवाज की क्या है मान्यता

Holi 2026: भारत में होली केवल रंगों का पर्व नहीं, बल्कि रिश्तों और परंपराओं से जुड़ा खास उत्सव है। शादी के बाद पहली होली नवविवाहित दुल्हन द्वारा मायके में मनाने की परंपरा के पीछे धार्मिक, सामाजिक और ज्योतिषीय मान्यताएं मानी जाती हैं।

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भारत

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MEGHA ROY

Feb 24, 2026

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Why brides celebrate first Holi at parents|फोटो सोर्स- Freepik

Holi 2026 Date: वर्ष 2026 में होली का महापर्व 4 मार्च को धूमधाम से मनाया जाएगा, जबकि एक दिन पहले होलिका दहन की परंपरा निभाई जाएगी। भारतीय रीति-रिवाजों के अनुसार, शादी के बाद पहली होली नवविवाहित दुल्हन अपने ससुराल में नहीं, बल्कि मायके में मनाती है। यही कारण है कि कई स्थानों पर दुल्हनें होलाष्टक लगते ही या होलिका दहन से पहले अपने पीहर चली जाती हैं और वहीं रंगों का यह पर्व मनाती हैं।यह परंपरा केवल एक रस्म नहीं, बल्कि बेटी के प्रति स्नेह, सुरक्षा और भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक मानी जाती है।

Holi Traditions: सास-बहू एक साथ नहीं देखतीं होलिका दहन

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नई बहू और उसकी सास को एक साथ जलती हुई होली यानी होलिका दहन नहीं देखना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि यदि सास और बहू एक साथ अग्नि को जलते हुए देखती हैं तो उनके रिश्तों में खटास आ सकती है।होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। पौराणिक कथा के अनुसार, प्रह्लाद की रक्षा और होलिका के दहन की घटना इस पर्व का आधार है। हालांकि यह शुभता का प्रतीक है, लेकिन अग्नि स्वयं एक दहन प्रक्रिया है। नई शादी के तुरंत बाद किसी भी प्रकार की “दहन” या “नकारात्मक ऊर्जा” को रिश्तों के लिए शुभ नहीं माना जाता।इसी कारण से कई परिवारों में परंपरा है कि पहली होली पर बहू को मायके भेज दिया जाता है, ताकि वैवाहिक जीवन की शुरुआत सौहार्द और प्रेम के साथ हो।

ग्रहों की स्थिति और अग्नि तत्व का प्रभाव

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, विवाह का पहला वर्ष नवदंपति के लिए अत्यंत संवेदनशील माना जाता है। फाल्गुन मास की पूर्णिमा को होलिका दहन होता है, और इस समय अग्नि तत्व का प्रभाव अधिक सक्रिय रहता है।नई बहू को घर की “लक्ष्मी” और नए भाग्य का प्रतीक माना जाता है। ज्योतिषियों का मानना है कि इस समय यदि ग्रहों की स्थिति प्रतिकूल हो, तो अग्नि तत्व का प्रभाव दांपत्य जीवन पर नकारात्मक असर डाल सकता है।इसलिए सावधानी के तौर पर यह सलाह दी जाती है कि नवविवाहिता इस अवधि में अपने जन्मस्थान यानी मायके में रहे, ताकि किसी भी संभावित अनिष्ट से बचाव हो सके।

क्या पति ससुराल होली मनाने जा सकते हैं?

हां, पति ससुराल होली मनाने जा सकते हैं। कई परिवारों में यह परंपरा होती है कि पहली होली पर दुल्हन मायके जाती है और पति भी वहां पहुंचकर साथ में त्योहार मनाते हैं। हालांकि यह पूरी तरह परिवार की परंपरा और आपसी सहमति पर निर्भर करता है।