15 सितंबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Shani Dhaiya: शनि ढैय्या से इन दो राशि वालों को जल्द मिलेगी मुक्ति

बता दें कि 24 जनवरी 2022 से ही इन राशियों पर शनि ढैय्या चली आ रही है। ज्योतिष अनुसार शनि ढैय्या की अवधि ढाई साल की होती है। शनि साढ़े साती की तरह ही शनि की ये दशा भी लोगों के जीवन को काफी हद तक प्रभावित करती है।
2 min read
Google source verification
shani_dhaiya.jpg

Shani Dhaiya: शनि ढैय्या से इन दो राशि वालों को जल्द मिलेगी मुक्ति

Shani Dhaiya On Mithun And Tula Rashi: ज्योतिष में शनि को बेहद क्रूर ग्रह माना जाता है। कुंडली के सभी 12 भावों में इसका अलग-अलग प्रभाव पड़ता है। ये भी माना जाता है कि शनि कर्मफल दाता हैं। ये लोगों को उनके कर्मों के अनुसार फल देते हैं। अगर कुंडली में शनि मजबूत स्थिति में हैं तो अच्छे परिणाम मिलते हैं वहीं अगर शनि कमजोर हैं तो शनि ढैय्या या शनि साढ़े साती के दौरान व्यक्ति को खूब परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बता दें इस साल शनि अपनी राशि बदलेंगे जानिए किन्हें मिलेगी शनि ढैय्या से मुक्ति।

शनि राशि परिवर्तन: शनि 29 अप्रैल 2022 में अपनी राशि बदलेंगे। इस दौरान ये मकर राशि छोड़ कुंभ में प्रवेश कर जायेंगे। ये गोचर कई राशि वालों की जिंदगी में बदलाव लाएगा। शनि के राशि गोचर से मिथुन और तुला वालों को शनि ढैय्या से मुक्ति मिल जाएगी। बता दें कि 24 जनवरी 2022 से ही इन राशियों पर शनि ढैय्या चली आ रही है। शनि की इस दशा की अवधि ढाई साल की होती है। शनि ढैय्या से मुक्ति मिलते ही आपके अटके हुए काम बनने लगेंगे।

दोनों राशियों को इस दिन मिलेगी शनि ढैय्या से मुक्ति: बता दें कि 2022 में 5 जून को शनि अपनी वक्री चाल शुरू करेंगे और इसी चाल को चलते हुए मकर राशि में दोबारा से गोचर करने लगेंगे। मकर में शनि के फिर से आने से मिथुन और तुला वाले दोबारा से शनि ढैय्या की चपेट में आ जायेंगे। 17 जनवरी तक इन राशि वालों पर शनि ढैय्या रहेगी। इस तरह से देखा जाए तो मिथुन और तुला वालों को पूर्ण रूप से शनि ढैय्या से मुक्ति 17 जनवरी 2023 को ही मिलेगी।

शनि ढैय्या के उपाय:
-जिन लोगों पर शनि ढैय्या चल रही हो उन्हें महामृत्युंजय और शनि मंत्र का जप करना चाहिए।
- काली चालीसा, श्री दुर्गा सप्तशती का अर्गला स्तोत्र का पाठ करना चाहिए।
-हर शनिवार अपनी छाया दान करनी चाहिए।
-शनिवार के दिन तिल, तेल, काले वस्त्र, उड़द दाल, लोहा आदि का दान करें।
-संभव हो तो सुंदरकांड का भी पाठ करें।
-शनि मंत्र से पहले हनुमान जी का मंत्र पढ़ें।
यह भी पढ़ें: हद से ज्यादा रोमांटिक होते हैं इन बर्थ डेट वाले लोग, लाइफ में इन्हें कई दफा हो जाता है प्यार