31 अक्टूबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Ganesh Chaturthi : शीघ्र इच्छा पूर्ति के लिए राशिनुसार करें प्रथम पूज्य श्री गणेश की पूजा और चढ़ाएं ये भोग

Ganesh Chaturthi गणेश चतुर्थी पर विशेष पूजन विधि
3 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भोपाल

•

image

Deepesh Tiwari

•

Updated: 10 Sep 2021, 6:22 AM IST

ganesh Chaturthi upay

ganesh Chaturthi

Ganesh Chaturthi 2021: प्रथम पूज्य श्रीगणेश की पूजा के लिए विशेष दिन तो हर माह में दो बार संकष्टी चतुर्थी व विनायक चतुर्थी के रूप में सामने आते ही है। लेकिन प्रथम पूज्य श्रीगणेश का साल में सबसे प्रमुख त्यौहार भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को गणेश चतुर्थी के रूप में मनाया जाता है। यह पर्व 10 दिनों तक चलता है और अनंत चतुर्दशी के दिन श्री गणेश की मूर्ति को शुद्ध व बहते जल में प्रवाहित कर दिया जाता है।

दरअसल मान्यता है कि गणेश जी का जन्म भाद्रपद शुक्ल पक्ष चतुर्थी को मध्याह्न काल में, सोमवार, स्वाति नक्षत्र एवं सिंह लग्न में हुआ था।

इसलिए इस चतुर्थी को सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में इस बार यानि 2021 में यह गणेश चतुर्थी का पर्व 10 सितंबर 2021 को मनाया जाएगा।

ज्योतिष में श्री गणेश को बुध का कारक माना जाता है, वहीं सप्ताह में इनका दिन बुधवार माना गया है। ऐसे में ज्योतिष की दृष्टि में बुध एक शुभ ग्रह माने गए है और उसके कारक देव होने के नाते श्री गणेश न केवल आपकी बुद्धि पर असर करते हैं,बल्कि अन्य ग्रहों से समन्वय को लेकर भी यह ग्रहों की दृष्टि व दशा में भी असर डालते हैं।

पंडित एके शुक्ला के अनुसार शीघ्र इच्छा पूर्ति के लिए इस दिन भगवान श्री गणेश को अपनी राशिनुसार प्रसाद चढ़ाने से सभी प्रकार के कष्ट दूर होने के साथ ही जीवन कई तरह की खुशियों से भर जाता है। माना जाता है कि राशिनुसार मंत्र जाप के साथ ही श्री गणेश को अपनी राशिनुसार भोग लगाने से जीवन में संपन्नता आती हैं। आइए जानें इस बार कौन सी राशि वाले कौन से मंत्र का जाप करें और कौन सा भोग श्री गणेश को लगाएं-

Must Read- ऋषि पंचमी के व्रत की विधि

1. मेष राशि
मंत्र: ॐ वक्रतुण्डाय हुं॥
प्रसाद : छुआरा और गु़ड़ के लड्डू चढ़ाएं।

2. वृषभ राशि
मंत्र: ॐ ह्रीं ग्रीं ह्रीं॥
प्रसाद : मिश्री,नारियल से बने लड्डू, शक्कर भोग चढ़ाएं।

3. मिथुन राशि
मंत्र: ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ग्लौं गं गणपतेय वर वरद् सर्वजनं मे वशमानाय स्वाहा॥
प्रसाद : मूंग के लड्डू, हरे फल भोग में लगाएं।

4. कर्क राशि
मंत्र: ॐ वक्रतुण्डाय हुं॥
प्रसाद : मोदक के लड्डू, मक्खन, खीर भोग में लगाएं।

5. सिंह राशि
मत्र: ॐ श्रीं गं सौभाग्य गणपतेय वरवरदं सर्वजनं में वशमानयं स्वाहा॥
प्रसाद : गुड़ से बने मोदक के लड्डू व लाल फल भोग में लगाएं।

6. कन्या राशि
मंत्र: ॐ गं गणपतयै नमः या ॐ श्रीं श्रियैः नमः॥
प्रसाद : हरे फल, मूंग की दाल के लड्डू व किशमिश भोग में लगाएं।

Must Read-Ganesh Chaturthi 2021: गणेश चतुर्थी कब है?

7. तुला राशि
मंत्र: ॐ ह्रीं, ग्रीं, ह्रीं गजाननाय नम:॥
प्रसाद : मिश्री, लड्डू और केला भोग में लगाएं।

8. वृश्चिक राशि
मंत्र: ॐ वक्रतुण्डाय हुं॥
प्रसाद : छुआरा और गु़ड़ के लड्डू भोग में लगाएं।

9. धनु राशि
मंत्र: हुं गं ग्लौं हरिद्रागणपतयै वरवरद दुष्ट जनहृदयं स्तम्भय स्तम्भय स्वाहा॥
प्रसाद : मोदक व केला चढ़ाएं।

10. मकर राशि
मंत्र: ॐ लंबोदराय नमः॥
प्रसाद : मोदक के लड्डू, किशमिश, लड्डू भोग में लगाएं।

11. कुंभ राशि
मंत्र: ॐ सर्वेश्वराय नमः॥
प्रसाद : गुड़ लड्डू व मौसमी फल चढ़ाएं।

12. मीन राशि
मंत्र: ॐ सिद्धि विनायकाय नमः॥
प्रसाद : बेसन के लड्डू, केला, बादाम चढ़ाएं।